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संक्रमित नर्स का पति भी निकला कोरोना पॉजिटिव

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गोंडा। शहर के एक निजी अस्पताल में तीन दिन पूर्व एक नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई थी। जिसके बाद दो दिन के अस्पताल को सील करके अन्य कर्मियों की सैंपलिंग भी कराई गई है। शुक्रवार की शाम आई रिपोर्ट में नर्स का पति भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। इसके साथ ही एक अन्य महिला कर्मी कोरोना संक्रमित पाई गई है।बता दें कि पटेलनगर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में काम करने वाली नर्स के कोरोना संक्रमित होने के बाद प्राइवेट अस्पतालों पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। इस बीच कोरोना संक्रमित नर्स का पति भी शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यही नहीं अस्पताल में काम करने एक और नर्स कोरोना से संक्रमित पाई गई है। अब इससे अस्पताल के और कर्मचारियों में भी कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। बीते दो दिनों में मरीजों से सीधे संपर्क में आने वाले और संक्रमित नर्स के संपर्क में आने वालों की सैंपलिंग कराई गई है। बताया जा रहा है कि दूसरी नर्स जो कोरोना संक्रमित पाई गई है वो जिला अस्पताल से सेवानिवृत्त हो चुकी है और वो वहां काम करती थी।
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रेलवे ने भी जारी किये निदेरश
गोंडा। बीते दिन शहर के साहबगंज मोहल्ले में कोरोना संक्रमित व्यापारी के यहां खाना बनाने वाली नौकरानी कोरोना से संक्रमित पाई गई है। वह महिला जिस घर में रह रहे रेलवे लोको शेड के तीन कर्मचारियों भी रहते हैं। इसमें से एक कर्मचारी बीते कल लोको शेड में पहुंच कर अपनी छुट्टी के लिए निवेदन करने शेड के जनरल फोरमैन सुग्रीव प्रसाद के गया। जैसे ही जनरल फोरमैन को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने इस कर्मचारी को तत्काल वापस घर भेज दिया। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि इस मामले की जानकारी मण्डल रेल प्रबंधक डॉ. मोनिका अग्निहोत्री को हुई तो उन्होंने लोको शेड के सीनियर डीएमई को निदेश दिया कि शेड में बिना थर्मल स्क्रीनिंग के कोई भी कर्मचारी व अधिकारी प्रवेश नहीं कर सकते हैं। तीनों कर्मचारियों को सात दिन तक होम क्वारंटीन में रहने के बाद उनकी जांच करवा जाएगी।
कोरोना संदिग्ध महिला अस्पताल से भागी
शनिवार को विष्णुपुरी कॉलोनी में एक महिला में कोरोना जैसे लक्षण देखने को मिले। इस पर सीएमओ डॉ. मधु गैरोला को सूचना दी गई। 108 एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया। लेकिन इसमें जिला अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना संदिग्ध को सैंपलिंग के लिए ले जाया गया था, लेकिन वह महिला जिला अस्पताल से भाग निकली। वह कई घरों में बर्तन धुलने का काम करती और उसका बेटा चौक की एक दुकान पर काम करता है।
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कोरोना पॉजिटिव युवक के संपर्क को तलाश रही टीम
वजीरगंज (गोंडा)।क्षेत्र के बिरहमतपुर डिहवा निवासी एक युवक (28) की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाने के कारण उसे 19 जून की रात में पंडरीकृपाल स्थित लेबल-1 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डॉ. आशुतोष शुक्ल ने बताया कि युवक बीते 15 जून को दिल्ली से एसी बस से आया था। वह खांसी व सर्दी की शिकायत के चलते उसी दिन शाम को सैंपल देने गोंडा गया था। उसका सैम्पल 16 जून को लिया गया व उसे स्वामी विवेकानन्द विद्यालय में क्वारंटीन कर दिया गया।उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे 19 जून की रात में पंडरीकृपाल स्थित लेवल-1 अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। युवक के घर आने पर अपनी ससुराल रसूलपुर जाने व एक मिट्टी देने के कार्यक्रम में शिरकत करने की भी सूचना मिली है। बिरहमतपुर डिहवा व रसूलपुर में टीमें भेजी गई थीं। उसके संपर्क में आने वाले लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार अन्य लोगों की भी सैंपलिंग कराई जायेगी।
-निजी अस्पताल की एक और नर्स कोरोना संक्रमित पाई गई है। कोरोना संक्रमितों की कांटेक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। जो भी संक्रमितों के सीधे संपर्क में आये हैं उनकी सैंपलिंग कराई जा रही है। कोरोना संदिग्ध महिला को फिर से अस्पताल लाकर सैंपलिंग कराई जायेगी।
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-डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ
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