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फिर बढ़ा बांध को खतरा

Sat, 25 Jul 2015 11:34 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
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दो दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात के साथ ही पहाड़ों पर हो रही बारिश से घाघरा का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के इर्द-गिर्द मंडराने लगा है। पहले जहां नदी का पानी एल्गिन-चरसड़ी बांध के स्पर नंबर तीन से सटकर बह रहा था तो वहीं अब नदी की धारा स्पर नंबर तीन से होते हुए स्पर नंबर चार व पांच से भी सटकर बहने लगी है। इससे बंधे के कटने का खतरा काफी बढ़ गया है।
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घाघरा का जलस्तर लगातार खतरे के लाल निशान (106.07 मीटर) के आसपास घूम रहा है। नदी का घटता-बढ़ता जलस्तर बांध के लिए मुश्किलें पैदा कर देता है। इसे लेकर सिंचाई विभाग के साथ ही प्रशासनिक मशीनरी की दिक्कतें एक बार फिर से बढ़ गई हैं।

बीते दो दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात के साथ ही पहाड़ों पर हो रही बारिश से घाघरा में डिस्चार्ज पानी भी बढ़ा है। वहीं अभी तक नदी का जो पानी एल्गिन-चरसड़ी बांध के स्पर नंबर तीन से सटकर बह रहा था, वह अब बांध के दो किलोमीटर की जद में आने वाले डेंजर जोन के स्पर नंबर चार व पांच से भी सटकर बहने लगा है। इससे बंधे में होने वाली कटान की आशंका फिर से बलवती हो गई है।
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एल्गिन-चरसडी बांध पर लगातार खतरों के बादल मंडरा रहे हैं। घटता-बढ़ता जलस्तर बांध के लिए मुसीबत बना हुआ है। वहीं घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान के इर्द-गिर्द ही चल रहा है। शुक्रवार की देर शाम से शनिवार को स्पर नंबर चार से पांच के बीच में जहां नदी बांध से करीब 25 मीटर दूर बह रही थी।

वहां तेज कटान से करीब 55 मीटर लंबाई में जमीन को घाघरा काटते हुए बंधे से सटकर बहने लगी है। जबकि यह हिस्सा अभी तक रेड जोन में शामिल नहीं था। लेकिन यहां भी कटान शुरू हो गई हैं। उधर, स्पर नंबर एक से तीन के बीच का बांध तो पहले से ही कटान की जद में है।

जहां पर एक रिंग बांध भी बनाया जा चुका है। साथ ही बांध का आधा हिस्सा कट जाने के बाद वहां बांध को चौड़ा भी किया गया है। लेकिन इसके बाद भी बांध की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं।

बारिश का सीजन चल रहा है, इसलिए बरसात होना लाजिमी है। बारिश जब होती है तो जाहिर सी बात है कि नदी का जलस्तर भी बढ़ता और घटता रहता है। जलस्तर कम होने पर नदी का पानी बांध से कुछ दूरी पर बह रहा था, लेकिन अब सीधे बंधे से सटकर बह रहा है। बंधे की मजबूती का काम लगातार चालू है। बांध को किसी तरह का कोई खतरा अभी नहीं है। -वीके सिंह, एसडीएम करनैलगंज

घाघरा के जलस्तर में कभी चार सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी होती है तो कभी जलस्तर चार सेमी कम हो जाता है। इधर बारिश के चलते जलस्तर में फिर से बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि अभी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। लेकिन अगर पानी बढ़ा तो यह खतरे के निशान तक भी पहुंच सकती है। बांध को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। जिसके लिए मौके पर उनकी पूरी टीम बांध बचाव के काम लगी है। - अशोक कुमार, एई सिंचाई विभाग बांढ़ कार्य खंड डिवीजन
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