नवाबगंज के शाहपुर गांव में गिरा बसपा नेता का घर। स्रोत: विभाग
नवाबगंज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के आदेश पर शाहपुर गांव में तालाब की जमीन पर बने मकान को सोमवार को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पैमाइश कर तालाब की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराकर अपने कब्जे में ले लिया।
बसपा के पूर्व नेता राजिक उस्मानी के पिता अब्दुल खालिक पर तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बनवाने का आरोप था। गांव के मोहम्मद रफीक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर तालाब की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने जिला प्रशासन को अतिक्रमण हटाकर तालाब की जमीन खाली कराने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने मकान पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था।
चेतावनी के बावजूद समय सीमा पूरी होने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। इसके बाद अब्दुल खालिक ने रविवार से जेसीबी मशीन लगाकर स्वयं मकान गिराने का काम शुरू कराया, जो सोमवार दोपहर तक पूरी तरह जमींदोज हो गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पैमाइश कर तालाब की पूरी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया। लेखपाल विनीत कुमार ने बताया कि कुल 0.324 हेक्टेयर तालाब की जमीन मुक्त करा ली गई है। उसे राजस्व अभिलेखों के अनुसार सुरक्षित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि शाहपुर गांव में पप्पू अंसारी और सईद अहमद द्वारा भी तालाब की जमीन पर मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया है। दोनों के मकानों पर सोमवार को नोटिस चस्पा कर तीन दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। समय सीमा बीतने के बाद अतिक्रमण नहीं हटने पर प्रशासन द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।