गोंडा। ऐल्गिन-चरसडी और भिखरीपुर-सकरौर बांध को बरसात के पूर्व ही दुरुस्त करने के लिए लगभग 43 करोड़ 41 लाख रुपये की योजना शासन की ओर से स्वीकृत है। लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारी व ठेकेदार इसमें भी अपनी मनमर्जी करने से नहीं बाज आ रहे हैं। बाढ़ खंड के अधिकारियों का दावा है कि बांध को बचाने के लिए बजट का लगभग 70 प्रतिशत खर्च हो चुका है। लेकिन मौके पर अफसरों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जो भी काम है वो कागजों में हो रहा है और हकीकत में बांध धीरे-धीरे नदी के मुहाने पर आ गया है। करनैलगंज क्षेत्र में तो स्थिति अभी ठीक है लेकिन तरबगंज के ऐली परसौली में सरयू नदी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है।
बीते एक सप्ताह पूर्व भी तरबगंज तहसील के ऐली परसौली में भिखारीपुर-सकरौर तटबंध में कटान शुरू हुई थी। बीच में जलस्तर घटने के बाद कटान रुक गई थी लेकिन रविवार देर रात से नदी ने फिर तेज कटान शुरू कर दी है। हाल ये है कि भिखारीपुर-सकरौर तटबंध में से सटे एक विशालकाय पीपल के पेड़ के साथ ही बांध का लगभग एक मीटर का हिस्सा सरयू ने अपनी आगोश में ले लिया है। ग्रामीणों ने जहां जिम्मेदारों अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है वहीं अधिकारी अभी भी बांध के पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं।
एसडीएम ने निरीक्षण कर दिये थे निर्देश
रविवार देर शाम से ही सरयू नदी ने कटान शुरू कर दी है जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भिखारीपुर सकरौरा तटबंध पर ऐलीपरसौली के विशुन पुरवा के सामने बांध के किनारे लगा पीपल का पेड़ नदी की धारा में समा गया और बांध का एक मीटर हिस्सा भी नदी में समा गया जिससे हड़कंप मच गया आननफानन बचाव कार्य शुरू किया गया। यहां गत सप्ताह बांध को बचाने के लिए बनाई गई सुरक्षा दिवाल के दो हिस्से नदी में समा गए थे। जिसके बाद एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। बाढ़ खंड के अफसर अभी भी बांध के पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं।
सुरक्षा दीवार को भी नहीं ठीक किया
उमरीबेगमगंज। तरबगंज के ऐली परसौली गांव में भिखारीपुर-सकरौर बांध की स्थिति पर एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार नजर बनाये हुए हैं। उन्होंने कटान वाली जगह पर बांध की सुरक्षा दीवाल को बनाने और मजबूत करने के निर्देश दिये थे लेकिन लापरवाह विभागीय अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हुई सुरक्षा दीवार की मरम्मत का कार्य भी बंद कर दिया। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर कार्य करने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने भी नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजने की बात कही। लोगों की मानें तो जिस तरह से नदी कटान कर रही है उसके हिसाब से बांध का कटना तय माना जा रहा है।
पीपे का पुल भी बना बड़ी वजह
सरयू नदी पर बाराबंकी के रूदौली और ऐलीपरसौली को जोड़ने के लिए पीपे के पुल संचालित किया जाता है। जिसे हर बरसात के समय में खोल दिया जाता है। बाढ़ खंड के अफसरों की मानें तो पीपे के पुल की वजह से नदी की धारा यहां गहरी हो जाती है जिससे बांध पर कटान का खतरा बढ़ जाता है। इसी का कारण है कि बांध से सटा एक पीपल का पेड़ नदी में समा गया।
भिखारीपुर-सकरौर बांध के किनारे एक पेड़ था जो कि रविवार रात में ढह गया है। लेकिन उससे बांध को कोई खतरा नहीं है। बांध को और मजबूती प्रदान करने के लिए कार्य किया जा रहजा है। किसी प्रकार से बांध की स्थिति को कटान का खतरा नहीं है। -बीएन शुक्ला, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड