गोंडा। स्ववित्तपोषित निजी विद्यालय के बर्खास्त कर्मचारी को सेवा में बहाली का अवसर देने का आदेश डीआईओएस को भारी पड़ गया। डीआईओएस की कार्यप्रणाली पर हैरानी जताते हुए हाईकोर्ट ने आदेश स्थगित कर दिया। हाईकोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत शपथ पत्र प्रस्तुत कर कारण स्पष्ट करने का आदेश दिया है।
शहर में दुखहरण नाथ मंदिर के निकट स्थित रवि चिल्ड्रेन एकेडमी के प्रबंधन ने पांच अगस्त 2025 को सहायक अध्यापक जितेंद्र प्रताप द्विवेदी की सेवा समाप्त कर दी। शिक्षक ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर सेवा में बहाली के लिए विद्यालय प्रबंधन को निर्देश देने की मांग की। जिलाधिकारी ने मामला डीआईओएस के सुपुर्द कर दिया।
डीआईओएस ने 22 अगस्त 2025 को बर्खास्तगी आदेश निरस्त कर एक सप्ताह में शिक्षक को समुचित अवसर प्रदान करने का आदेश विद्यालय प्रबंधन को दिया। उन्होंने कहा कि आदेश का अनुपालन न करने पर विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई) नई दिल्ली को भेज दी जाएगी।
स्कूल के प्रबंधक शिवमूर्ति मिश्र ने डीआईओएस के आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की। कहा कि निजी स्ववित्तपोषित विद्यालय में सेवायोजन के मामले में डीआईओएस को आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह ने डीआईओएस डाॅ. रामचंद्र की कार्यप्रणाली पर हैरानी जताई। कहा कि लगता है कि उन्हें कानून का ज्ञान नहीं है। इसी वजह से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मनमाना आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति ने 22 अगस्त 2025 के डीआईओएस के आदेश को स्थगित कर दिया। साथ ही डीआईओएस डाॅ. रामचंद्र को व्यक्तिगत शपथपत्र देकर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार इस मामले की सुनवाई आगामी 16 अक्तूबर को होगी।