विश्नोहरपुर निवासी प्रवीण सिंह की सीएमओ के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर फैसला सुनाते हुए चीफ जस्टिस दिलीप बी भोंसले ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को दो हफ्ते में सीएमओ गोंडा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि प्रवीण ने कुछ दिनों पहले सीएमओ गोंडा के भ्रष्टाचार को लेकर याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी। जिस पर गुरुवार को चीफ जस्टिस ने यह फैसला सुनाया।
सीएमओ गोंडा डॉ. अमर सिंह कुशवाहा के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल में याचिकाकर्ता प्रवीण ने कहा था कि सीएमओ ने पत्नी मनीषा मेहतानी की नियुक्ति एनसीडी सेल में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए की है, जो पूरी तौर से गलत है।
वहीं सीएमओ हर महीने जिले में तैनात ऐसे करीब आधा दर्जन से ऊपर डॉक्टरों से हर महीने ड्यूटी न करने के एवज में 25-30 हजार रुपये लेते हैं। वहीं एनएचएम में जो नियुक्तियां सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने की है, वह सभी नियुक्तियां पैसा लेकर की गई हैं।
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने से पहले पूरे प्रकरण की शिकायत प्रवीण सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से भी की थी। जिस पर शासन ने मामले की जांच अपर निदेशक देवीपाटन मंडल से कराई। लेकिन उनकी तरफ से पूरी रिपोर्ट शासन में फाइल किए जाने के 15 दिनों बाद भी शासन स्तर से कार्रवाई सीएमओ के खिलाफ नहीं की गई।
बताते हैं कि छह अक्तूबर को प्रवीण की इसी याचिका पर फैसला सुनाते हुए चीफ जस्टिस दिलीप बी भोंसले ने स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को दो हफ्ते में 12 सितंबर 2016 को पेश रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ गोंडा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।