गोंडा। अमर उजाला और मुथूट फाइनान्स सुनहरी सोच की ओर से सोमवार को टाउन हॉल में अमर उजाला श्रेष्ठ प्रधान-2025 सम्मान का मंडल स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इसमें गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले में बेहतर कार्य करने वाले प्रधानों कोे सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ करते हुए डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि विकास को लेकर सभी को सजग होना होगा। गांव समृद्ध हों। तरक्की करें। इसके लिए मिलकर प्रयास करें। सरकार की योजनाएं गांवों की तरक्की के लिए हैं। पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाएं। योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए संकल्पित होकर प्रयास करें। डीएम ने कहा कि आज गांवों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए हर स्तर पर रणनीति के तहत काम हो रहे हैं। प्रधानों को अपने गांव को अपनी पहचान से जोड़ने की आवश्यकता है।
सीडीओ अंकिता जैन ने कहा कि गांव तरक्की की राह पर हैं। जिले के कई गांवों में बेहतर काम हुए हैं। ये काम हमारे लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। हर प्रधान को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह कुछ ऐसा काम जरूर करेंगे, जिससे उनके गांव की बेहतर छाप बन सके। वह बाहर जाकर बताएं कि उन्होंने अपने गांव का मान बढ़ाया। इसके लिए पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
जिला पंचायतीराज अधिकारी लालजी दुबे ने गांवों के विकास को लेकर चलाई जा रही विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री पुरस्कार योजना के साथ ही अन्य बिंदुओं पर फोकस किया। सामुदायिक शौचालय से लेकर पंचायतों को महिला हितैषी बनाने के लिए हो रहे प्रयास के बारे में जानकारी दी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह ने कहा कि प्रधानों की यह जिम्मेदारी है कि वह गांवों को सशक्त बनाने के लिए प्रयास करें। इसके लिए पात्रों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराएं। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार, उपनिदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी महेंद्र मिश्र, उद्यान अधिकारी रश्मि शर्मा, बीएसए अमित सिंह, ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कनौजिया, ग्राम पंचायत अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष यमुना प्रसाद मौजूद रहे।
बच्चों को पढ़वाएं अखबार
डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि स्कूलों का विकास पंचायतों की अहम जिम्मेदारी है। स्कूलों का कायाकल्प कराएं। वहां की सुविधाओं को बेहतर बनाएं। साथ ही स्कूलों में बच्चों के भीतर पठन-पाठन को लेकर नियमित तौर पर अखबार का वाचन कराएं। इसके लिए स्कूलों के प्रधानाचार्यों से समन्वय बनाकर प्रयास करें।
मुथूट फाइनान्स, सैवलाॅन और पंचायतीराज विभाग का रहा सहयोग
मुथूट फाइनान्स सुनहरी सोच देश की सबसे बड़ी गोल्ड लोन एनबीएफसी है, जो रोजाना 2.5 लाख से अधिक ग्राहकों को 7,400 से अधिक शाखाओं से अपनी सेवाएं दे रही है। इस वर्ष अमर उजाला श्रेष्ठ प्रधान अभियान में मुथूट फाइनान्स बतौर टाइटल स्पाॅन्सर जुड़ा है। अपनी प्रेरणादायक पहल सुनहरी सोच गर्व का पर्व सीजन 4 के माध्यम से मुथूट फाइनान्स ने उन प्रधानों को विशेष सम्मान दिया, जिनकी सोच ने समाज में नई दिशा कायम की है। इस पहल को मजबूत करने के लिए हेल्थ पार्टनर के तौर पर सैवलॉन स्वस्थ इंडिया मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायतीराज विभाग का सहयोग रहा।
इनको मिला श्रेष्ठ ग्राम प्रधान सम्मान
डीएम प्रियंका निरंजन व सीडीओ अंकिता जैन ने गोंडा के चंगेरी की प्रधान रंजना सिंह, फरेंदा शुक्ल की प्रधान अन्नू देवी शुक्ला, सर्वांगपुर के प्रधान व प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष उमापति त्रिपाठी, वजीरगंज के सुशील कुमार जायसवाल, पथार के प्रधान पटवारी, संगवा के अवनीश प्रताप सिंह, तालागंज ग्रंट के दिलीप वर्मा, बहराइच के अहिरौरा के श्याम कुमार चौधरी, गांगूदेवर के विकास सिंह, बलरामपुर के खैराही की सविता सिंह, श्रावस्ती के बसभरिया पुरैना के प्रधान बैजनाथ को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इन प्रधानों का भी हुआ सम्मान
संगीता (लैबुड़वा), प्रदीप कुमार तिवारी (पुरनिया), अतीकुर्रहमान (रेवारी), आज्ञाराम तिवारी (सेमरौना), पवन कुमार पाठक (कांधभारी), राकेश कुमार (नौव्वागांव), रंजीत (खलीलपुर), रामराज (अशोका), अरुण वीर सिंह (सिंगरौ), आकांक्षा सिंह (गोंदीपुर), दिनेश (तेंदुआ चौखड़िया), निजामुद्दीन खां (भटपुरवा), वीनू सिंह (इमरती विसेन), अरुणेश यादव (गढ़ी), हाजी गजनी (गिर्द गोंडा), रंजीत पांडेय (रामनगर तरहर), गंगाजलि (नौबरा), सोनू (फिरोजपुर), कृष्ण गोपाल मिश्र (मूसापूर), उत्तम चंद्र दुबे (बेलवा बाजार), रेखा दिनेश सिंह (भगहरिया पूरे मितई), दिनेश शुक्ल (भमैचा), जगदीश गुप्त (पंडरीकृपाल), वसीम मोहम्मद (सिंहपुर), मोहम्मद युसूफ खां (उम्मेदजोत), आनंद मिश्र (टेड़वा दसौतिया), सुनीता वर्मा (पूरे खेमकरन), शिवराम (सरहरा), श्यामा देवी (गोविंदपारा), आनंद प्रकाश (मोकलपुर), गीता देवी (रज्जनपुर), अमित कुमार (देवरियाखास), रंजीत पांडेय (रामनगर तरहर), बिंदेश्वरी प्रसाद पाल (लक्ष्मनपुर जाट), विवेक शुक्ल (बेलवाभान), शिवशंकर मिश्र (कौड़िया), रामनाथ मौर्य (गुदगुदियापुर), अनिल कुमार पांडेय (बिछुड़ी), आनंद मोहन मिश्र (हरखापुर), ऊषा देवी (पथवलिया), हसन रजा (खोरहंसा), मुश्ताक अहमद (नरहरिया), राम चरित्र (लालनगर), महेंद्र कुमार तिवारी (हरचंदपुर), गायत्री शुक्ला (खिरई खिरवा), सदानंद तिवारी (चौरी हरदोपट्टी), अफसर अली (विसुनापुर), कप्तान (मिश्रौलिया), शिवकुमार (टेंडवा महंत), अजय तिवारी (चांदपुर), प्रहलाद (खरगूचांदपुर) और सविता मिश्रा (दत्तनगर)।