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एकल शिक्षक के सहारे 90 स्कूलों के नौनिहालों का भविष्य

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रगड़गंज (गोंडा)। प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए लगातार किये जा रहे प्रयास में शिक्षकों की कमी बाधा बनी हुई है। बेलसर के 267 स्कूलों में 24615 बच्चो के लिए 620 शिक्षक हैं। 68 जूनियर हाई स्कूल में 22 स्कूल एकल अध्यापक के सहारे हैं। बच्चों के शैक्षिक सत्र खत्म होने में तीन माह बचे हैं, लेकिन परिषदीय स्कूलों में पाठ्यक्रम पूरा होता नहीं दिख रहा है। शिक्षक अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को एक साथ पढ़ाते हैं। ऐसे में सभी कक्षाओं के विषयों के पाठ पढ़ाये जाना मुश्किल है जिससे कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाले बच्चो की नींव कमजोर हो रही है।
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विकास खंड बेलसर अंतर्गत 51 ग्राम पंचायतों में 199 प्राथमिक व 68 जूनियर विद्यालय संचालित हो रहे हैं। प्राइमरी में 20159 व जूनियर स्कूल में 4456 बच्चे नामंकित हैं। 199 प्राइमरी स्कूलो में 79 प्रधानाध्यापक व 411 सहायक अध्यापक तैनात हैं वहीं 68 जूनियर हाईस्कूल में 34 प्रधानाध्यापक व 96 सहायक अध्यापक नियुक्त है। स्कूलों के संविलयन आदेश के बाद करीब 40 स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक कक्षाएं संचालित की जाती हैं। कक्षा एक व दो में तीन विषय, कक्षा तीन में छह और कक्षा चार व पांच में सात विषय पढ़ाया जाता है जिनमें एक व दो को हिंदी, गणित व अंग्रेजी और कक्षा तीन में इन विषयों के साथ सामाजिक विषय, संस्कृत अथवा उर्दू व कला और कक्षा चार व पांच में विज्ञान भी पढ़ाई जाती है। कक्षा छह, सात और आठ में 11 विषयों की शिक्षा दी जाती है जिसमें प्राइमरी के विषयों से अलग पर्यावरण, कृषि, खेल एवं स्वास्थ्य व स्काउट गाइड भी शामिल है।
सभी विषय में 10 से 15 पाठ हैं। बेलसर के 22 जूनियर हाईस्कूल एकल अध्यापक के सहारे चल रहे हैं और ज्यादातर प्राइमरी स्कूल दो या तीन शिक्षकों से संचालित हो रहे हैं। योगी सरकार ने स्कूलों में नामांकन के आधार पर शिक्षक की व्यवस्था की है जिसमें कक्षा एक से पांच के 30 छात्र पर एक शिक्षक रहेंगे। एक शिक्षक एक ही समय कक्षावार विषय स्कूल में नहीं पढ़ा सकता है। सभी कक्षाओं के विषयों के पाठ अलग-अलग हैं। शिक्षक एक विषय पढ़ायेगा जिसे सभी बच्चे पढ़ेंगे चाहे वो कक्षा छह में या आठ में हो। सभी कक्षाओं में अलग अलग पाठ दिए हुए है और पाठ्यक्रम भी अलग है क्योंकि सबका सीखने का स्तर अलग है। ऐसे में स्कूलों में प्राइमरी व जूनियर के बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं होगा जिससे अधिगम स्तर घटता रहेगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी नही बन पायेगी जिससे कक्षा आठ पास कर नए सत्र में कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाले बच्चों की नींव कमजोर हो रही है।
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तीन जूनियर स्कूल शिक्षक विहीन, 22 एकल
बेलसर के जूनियर हाईस्कूल परसदा, सिसई पूरे संग्राम, पूरे कलहंस में किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं है। यहां दूसरे स्कूलों के अध्यापकों को संबद्ध कर विद्यालय में शिक्षण कार्य कराया जाता है। वहीं जूनियर हाईस्कूल पकवान गांव, जफरापुर, पूरे विराजी, आदमपुर, डिकसिर, बकियापुर, तमकुही, मोहनपुर, पूरे घोढ़हन, बरसांड, बंजरवा सहित 22 स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे है जहां एक शिक्षक एक साथ कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को साथ बैठा कर पढ़ाता है।
69 हजार शिक्षक भर्ती व प्रमोशन से दूर हो सकती है शिक्षकों की कमी
उच्च न्यायालय में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती का मामला विचाराधीन है। शिक्षक भर्ती पूरी होने के बाद जिले के प्राइमरी स्कूलों में करीब एक हजार शिक्षक मिलने की उम्मीद हैं। वहीं जूनियर स्कूलो में प्रमोशन के माध्यम से शिक्षक भेजे जा सकते हैं। जिले के सभी शिक्षक संगठन लगातार बीएसए से प्रमोशन की मांग कर रहे हैं। प्रमोशन का रास्ता खुलने के बाद जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो सकेगी।
शैक्षिक सत्र पूरा होने से पहले सभी विषयों के पाठ्यक्रम पूरा करा दिया जाएगा। स्कूलों में नामांकन के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति है। जिले में नए शिक्षक भर्ती होने के बाद स्कूलों में अध्यापक की संख्या बढ़ जायेगी। -आनन्द प्रकाश सिंह, बीईओ बेलसर
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