गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले में रविवार को भी रहे। शनिवार को बाढ़ क्षेत्र का दौरा करने के बाद रविवार को पुलिस लाइन पहुंचे, समीक्षा बैठक में दो टूक कहा कि कोरोना से अभी लंबी लड़ाई लड़नी होगी। यह महामारी इतने जल्दी खत्म नहीं होगी। अधिकारी कोरोना को मात देने के लिए पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद रहें। उन्होंने कोविड अस्पताल को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने और वहां चाक चौबंद व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।समीक्षा में उनका पूरा फोकस कोरोना नियंत्रण के साथ ही प्रवासी श्रमिकों के रोजगार सृजन पर रहा। कहा कि प्रवासियों को हैवीलेट बनाएं। आत्मनिर्भरता के लिए हर विभाग को अभियान चलाने के लिए कहा।
जिलाधिकारी डा. नितिन बसंल व पुलिस अधीक्षक राज करन नैय्यर ने अब तक की गयी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना संकट खत्म नहीं होने जा रहा है आम जनता को जागरूक करने के साथ बड़े स्तर पर लोगों की जांच कराई जाए। हर विभाग में कोरोना हेल्प डेस्क खुले और आने वालों की स्क्रीनिंग टेस्ट की जाए। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही बरसात के मौसम में अन्य संक्रामक रोगों से भी अफसरों को सतर्क किया। निर्देश दिया कि किसी भी तरह की बीमारी को न फैलने दें। इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में बाढ़ की समस्या भी है ऐसे में प्रशासन को काफी सतर्क रहना होगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था बनाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को चुस्त बनाने पर दिया और अपराधियों से सख्ती से पेश आने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि बड़े अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो। पंचायत चुनाव पर संकेत देते हुए कहा कि इसके लिए जरूरी है कि गावों के अपराधियों को चिन्हित कर कार्रवाई हो, जिसे आने वाले दिनों में शांतिपूर्ण चुनाव हो सकें। जनप्रतिनिधियों से बेहतर तालमेल बनाकर विकास कार्य कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि जो प्रस्ताव आए हों उन्हें समय से शासन में भेजकर स्वीकृत कराएं। उन्होंने कहा कि विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समीक्षा बैठक में अधिकारियों के साथ ही सांसद कीर्तिवर्धन सिंह, बृजभूषण शरण सिंह, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, विधायक अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया, प्रभात वर्मा, विनय द्विवेदी, प्रेमनरायन पांडे, प्रतीक भूषण सिंह, बावन सिंह, जिलाध्यक्ष सूर्य नारायन त्रिपाठी, हिंदुवा अध्यक्ष शारदाकांत पांडे आदि रहे।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड का किया निरीक्षण
मौसम खराब होने से एक घंटे की देरी से पहुंचने के बाद भी मुख्यमंत्री जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिल्ड्रेन वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती राजा बाबू और शोएब से बात की। इलाज की जानकारी करने के साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को सजग किया। आम जनता को बेहतर सुविधा देने पर जोर दिया। इमरजेंसी वार्ड भी देखा और हिदायत दी। इस दौरान आयुक्त महेन्द्र कुमार, डीआईजी डॉ. राकेश सिंह, जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल, एसपी राज करन नैय्यर, सीएमओ डॉ. मधु गैरोला, सीडीओ शशांक त्रिपाठी, सीएमएस अरूण लाल आदि रहे।
सीएम के जाने के बाद स्वास्थ्य अफसरों ने ली राहत की सांस
मुख्यमंत्री के दौरे में जिला अस्पताल का दौरा शामिल होने से शनिवार की शाम से ही स्वास्थ्य अफसरों के चेहरे तनाव में आ गए थे। रातोरांत अस्पताल के पार्क का रंगरोगन हो गया और वार्डों की सूरत भी बदल गई। चिल्ड्रेन वार्ड में दो ही बच्चे भर्ती थे जिन्हें रविवार को ही डिस्चार्ज क् दिया गया। डिस्चार्ज से पहले मुख्यमंत्री ने दोनो बच्चों से बात किया। पांच मिनट का निरीक्षण मुख्यमंत्री ने अस्पताल किया लेकिन कर्मियों और अधिकारियों की सांसे 21 घंटे तक अटकी रहीं। शनिवार की शाम से ही अस्पताल में हलचल रही। रविवार की सुबह से ही अफसरों की भागदौड़ रही। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री के जाने के बाद फीडबैक मिलते ही सभी के चेहरे पर रौनक लौटी।
शहर से गायब रहे छुट्टा जानवर, चकाचक रहीं सड़कें
मुख्यमंत्री के दौरे ने तो शहर का कायाकल्प ही कर दिया। कचहरी से जिला अस्पताल तक की सड़क के दोनो किनारे साफ कर चमका दिए गए थे और डिवाइडर में लगे पौधों को भी ठीक कर दिया गया था। सड़क पर रोज बैठे रहने वाले एक भी पशु नही दिख रहे थे। लोग यही सोच रहे थे कि काश, ऐसी ही व्यवस्था रोज हो। सड़कें चमक रहीं थीं और पुलिस भी सर्तक रही। अस्पताल के साथ ही पुलिस लाइन की भी सूरत बदली-बदली नजर आई।