हादसा करने वाली एसयूवी के इंश्योरेंस में भी गड़बड़ी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
करनैलगंज (गोंडा)। दो दिन पूर्व करनैलगंज-हुजूरपुर मार्ग पर ग्राम छतईपुरवा के समीप भाजपा के कैसरगंज लोकसभा सीट के प्रत्याशी व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र करणभूषण सिंह के काफिले की एसयूवी गाड़ी से हुई दुर्घटना में दो युवकों की मौत का मामला अब निर्वाचन आयोग के पास पहुंच गया है।
मृतक युवक शहजादे और उसके चचेरे भाई रेहान की मौत का गम केवल दो परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे निंदूरा गांव में दिखाई दे रहा है। कोलकाता से अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर घर वापस आए शहजादे के पिता आजाद खान ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर शिकायत की है। जिसमें उन्होंने कहा कि दोनों बच्चों की मौत होने के बाद करनैलगंज पुलिस घटना को अंजाम देने वाले लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उनके भाई की पत्नी चंदा बेगम बेटे रेहान की मौत होने के बाद से मानसिक रूप से परेशान थी। पुलिस ने चंदा बेगम से तहरीर लेकर केस दर्ज किया। पुलिस ने मामूली तहरीर बनाकर उनका अंगूठा लगवा लिया। चंदा बेगम ने जो बातें कहीं, उनको तहरीर में शामिल नहीं किया गया। जिस वाहन से दुर्घटना हुई वह कैसरगंज के भाजपा प्रत्याशी करण भूषण सिंह के काफिले की गाड़ी थी। जिस काफिले में छह गाड़ियां बताई गईं, लेकिन रिपोर्ट में काफिला शब्द नहीं रखा गया। गाड़ी पर पुलिस एस्कॉर्ट लिखा था जो फर्जी और गैर कानूनी है। गाड़ी नंदिनीनगर एजुकेशन इंस्टीट्यूट के नाम से है, जिसकी प्रदूषण जांच रिपोर्ट नहीं है। उस गाड़ी का 11 बार चालान हो चुका है। दुर्घटना करने वाली गाड़ी 100 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा की रफ्तार में चल रही थी। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के बजाए धारा 304 ए में केस दर्ज किया। वाहन का इंश्योरेंस 20 अप्रैल 2022 को समाप्त हो गया था, जिसका स्क्रीनशॉट मौजूद है, लेकिन कुछ समय बाद ऑनलाइन इंश्योरेंस 20 अप्रैल 2025 दिखने लगा। ये सब साजिश के तहत किया जा रहा है। हादसे के तत्काल बाद वाहन को पुलिस प्रशासन ने बिना फोरेंसिक जांच किए हटा दिया, जो गंभीर विषय है। पीड़ित ने भारत निर्वाचन आयोग को प्रार्थना पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।