पसका में स्थापित किया गया झूला। - स्रोत: सोशल मीडिया
- फोटो : अमर उजाला में छपी अपनी खबर पढ़ती बाल वैज्ञानिक पूजा पाल।
पसका। भगवान वाराह की जन्मस्थली सूकरखेत में पौष पूर्णिमा पर होने वाले मुख्य स्नान व मेले के लिए दुकानें सजने लगी हैं। स्थानीय निवासी नवीन निषाद ने बताया कि पसका मेला जनपद का प्रसिद्ध मेला है। मेले में झूला, सर्कस, थिएटर, मिठाई, चाट आदि की दुकानें लगने से रौनक बढ़ने लगी है।
स्थानीय निवासी गिरीश शुक्ल ने बताया कि जनपद सहित आसपास के जिलों के व्यापारी मेले में दुकानें लगाते हैं। मेले में रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं के साथ ही खिलौने, चाट, मिठाई आदि की दुकानें लगती हैं। मुख्य स्नान के दिन हजारों श्रद्धालु त्रिमुहानी घाट पर स्नान के बाद बाद मेले खरीदारी करते हैं। लघु प्रयाग के नाम से प्रसिद्ध त्रिमुहानी घाट पर कल्पवासियों के भजन-कीर्तन व सत्संग से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। स्थानीयजनों व कल्पवासियों के भंडारे में रोज सैकड़ों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। हर तरफ भक्ति और आस्था का वातावरण है।