बाढ़ आई तो इस साल भी सैकड़ों गांव में पानी में डूब जाएंगे। बाढ़ से कई गांवों का अस्तित्व भी मिट सकता है। हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। प्रशासन को इस बात की कोई चिंता नहीं है। बरसात का मौसम शुरू के कगार पर है फिर भी क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत नहीं हो सकी है। प्रशासन का काम महज कागजों तक ही सीमित है।
उतरौला तहसील क्षेत्र के टेढ़ा तप्पाबांक गांव के मजरे गोंदकोट और मलमलिया के लोग क्षतिग्रस्त तटबंध को लेकर काफी परेशान हैं। तटबंध की समय पर मरम्मत नहीं कराई गई तो बाढ़ आने के समय गोंदकोट और मलमलिया का अस्तित्व इस बार पूरी तरह से समाप्त हो सकता है।
यही हाल बैंडिहार गांव का भी है। डॉ. बदरुद्दीन, इकराम, रसीद, असगर, असलम व अब्दुल कलाम आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव के निकट स्थित तटबंध की मरम्मत के लिए शासन-प्रशासन से कई बार गोहार लगाई गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
बरसात से पहले तटबंध की मरम्मत न कराए जाने पर गांव पूरी तरह से तबाह हो जाएगा। इसी प्रकार से उतरौला तहसील के चंदापुर गांव के निकट बना तटबंध पिछले बाढ़ के दौरान 10 मीटर से अधिक कटकर बह गया था। बाढ़ से बचाने के लिए प्रशासन को नाकों चने चबाने पड़े थे।
इसके बावजूद प्रशासन तटबंध की मरम्मत के प्रति पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। तुलसीपुर तहसील के भोजपुर, हरहटा, सदर तहसील के सोनही, रामपुर कोल्वा, भोडवा, भुसैलवा, बरहना, लखमा बम्बाडीह, मेवालाल दीपवा बांध, कोड़रीघाट और उतरौला तहसील के महुवाधनी, नौबस्ता, मुड़िला, रजवापुर सहित कई स्थानों पर तटबंधों की मरम्मत न होने से सैकड़ों गांवों में बाढ़ का कहर लोगों को झेलना पड़ सकता है।
खरझार नाले की सिल्ट सफाई और एप्रोच निर्माण न होने से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध है। शिवप्रसाद यादव, कल्लू, राजेश्वर प्रसाद, राम प्रसाद, संजय व बलदेव आदि का कहना है कि प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण बाढ़ से बचाव के लिए तटबंधों के मरम्मत का काम अभी तक शुरू ही नहीं हो सका है।
तटबंधों की मरम्मत न होने से राप्ती, बूढ़ी राप्ती और पहाड़ी नालों के किनारे बसे गांवों पर बाढ़ अपना कहर ढाएगी।
अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सभी तहसीलों के राप्ती, बूढ़ी राप्ती और पहाड़ी नालों से बचाव के लिए निर्मित तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश डीएम प्रीति शुक्ला ने गत 10 जून को कलेक्ट्रेट में हुई बाढ़ राहत बैठक में दिया है।
डीएम ने अधिशासी अभियंता से तटबंधों की मरम्मत कार्य का फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट कराने का भी निर्देश दिया है। बाढ़ राहत से संबंधित धनराशि शासन से आन लाइन प्राप्त कर ली जाएगी। ड्रेनेज खंड के कार्यों की निगरानी की जा रही है। बाढ़ आने से पूर्व सभी तटबंधों के मरम्मत का काम हर हाल में पूरा करा लिया जाएगा।