गोंडा। जिले के ग्रामीण इलाकों के विकास पर 56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे गांवों में सड़क, बिजली व पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का विकास होगा।
जिला पंचायत सभागार में शुक्रवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने की। उन्होंने कहा, जिले का समग्र विकास किया जाएगा। कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, कटरा बाजार विधायक बावन सिंह व करनैलगंज विधायक अजय सिंह ने विकास योजनाओं पर प्रकाश डाला।
बैठक में मनरेगा पर दो अरब 89 करोड़ 80 लाख रुपये की धनराशि व्यय करने व 65 लाख 77 हजार मानव दिवस सृजित करने के लिए बजट पास किया गया। इसके साथ ही जिला पंचायत की 56 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायिक भवनों के मानचित्र शुल्क की दर 25 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रतिवर्ग मीटर किए जाने पर सहमति जताई गई। इसके अलावा जिला पंचायत की 2024-25 की एक करोड़ दो लाख रुपये की कर प्रस्तावना सूची को पारित किया गया। ग्रामीण इलाकों में निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों के लाइसेंस शुल्क की दर में वृद्धि का प्रस्ताव एवं मार्गों के किनारे साइन बोर्ड, विज्ञापन पट्ट को मंजूरी दी गई। हर सदस्य को एक-एक स्ट्रीट लाइट देने का निर्णय लिया गया।
सदर विधायक ने झंझरी-तरबगंज मार्ग का नाम पूर्व विधायक भैया राघव राम पांडेय के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूरी दे दी गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह, रवींद्र पांडेय, विवेक सिंह, सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह, सीपी सिंह, मनोज शुक्ल, अमरीश दत्त सिंह, निर्मला पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे। संचालन अपर मुख्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने किया।
बैठक में कई विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी नहीं आए। इसे गंभीरता से लेते हुए सदन ने प्रस्ताव पारित किया गया कि अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसका प्रस्ताव डीएम को भेजा गया है।
सदस्यों ने उठाया मामला
बैठक में कई सदस्यों ने अलग-अलग मामले उठाए। किसी ने स्ट्रीट लाइट तो किसी ने जिला पंचायत की वसूली का प्रकरण उठाया। इस पर कार्रवाई की बात कही गई। बैठक में इस बार महिला सदस्यों की सहभागिता रही। वहीं, भाषण देते समय जिला पंचायत अध्यक्ष भावुक हो गए।