डॉ. रवि प्रकाश वर्मा की फाइल फोटो और शव देखकर बेसुध हुई मां। संवाद
तरबगंज। दिल्ली में इमारत ढहने से जान गंवाने वाले डॉक्टर बेटे रवि प्रकाश के साथ ही पूरे परिवार का सपना भी टूट गया। सोमवार तड़के रामापुर के दीनपुरवा में डॉ. रवि का पार्थिव शरीर पहुंचते ही मां शांति देवी के करुण क्रंदन से हर शख्स की आंखें छलक पड़ीं।
विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद डॉ. रवि दिल्ली में रहकर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई) नामक स्क्रीनिंग परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। शनिवार रात वह दोस्तों के साथ कॉफी पीने निकले थे। इसी दौरान महरौली क्षेत्र में पांच मंजिला इमारत ढह गई और वह मलबे में दब गए। राहत दल ने डॉ. रवि को निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की जानकारी होने पर पिता राम प्रकाश वर्मा परिजनों के साथ दिल्ली गए। सोमवार सुबह करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। घर का चिराग बुझने से चाचा-चाची और भाई-बहन बिलख पड़े। पिता ने अयोध्या स्थित सरयू घाट पर भारी मन से बेटे का अंतिम संस्कार किया।
रवि के पिता खेती करने के साथ निजी विद्यालय में पढ़ाते हैं। डॉ. रवि पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। बड़ी बहन शिवानी (28), छोटे भाई सत्यम (16), बहन शुभी (15) व भाई सुंदरम (10) का रो-रोकर बुरा हाल है। सीमित आय के बावजूद पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही उनका बेटा डॉक्टर बनकर उनके सपने साकार करेगा लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने रवि की जिंदगी के साथ-साथ पूरे परिवार की उम्मीदों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
डॉ. रवि प्रकाश वर्मा की फाइल फोटो और शव देखकर बेसुध हुई मां। संवाद