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होम आइसोलेशन वालों के निगरानी में लापरवाही, 14 लोगों से मिल रहे संक्रमित

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गोंडा। कोरोना संक्रमण का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। हर रोज सैकड़ों नए संक्रमित मिलने के साथ औसतन चार-पांच लोगों की मौत हो जा रही है। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के निगरानी में लापरवाही बरती जा रही है।
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संक्रमितों के कांटेक्ट ट्रेसिंग से पता चला कि एक संक्रमित करीब 14 लोगों के संपर्क में आ जा रहा है। 15 दिनों के कांटेक्ट ट्रेसिंग के अनुसार 2704 संक्रमितों के संपर्क में 37036 लोग आ चुके हैं। जिससे संक्रमण तेजी से फैलने की संभावना बनी रहती है।
कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम कोशिशों के बावजूद संक्रमण के रफ्तार में कमी नहीं आ रही है। हर रोज हो रही मौतों से जिले के लोग सदमे में हैं।
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कोरोना संक्रमण से ग्रसित 1522 लोग होम आइसोलेशन में रहकर डॉक्टरों के निर्देश पर स्वत: इलाज कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 22 अप्रैल से सात मई तक 2704 संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की ट्रेसिंग किया जिसमें संक्रमितों के 37036 लोगों से मिलने की पुष्टि हुई। औसतन एक संक्रमित करीब 14 अन्य व्यक्तियों से मिल चुका होता है।
होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों की देखरेख के लिए बनी निगरानी समितियां नाकाम साबित हो रही हैं। गांवों में होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों पर निगरानी नहीं की जा रही है । ये लोग बिना रोक-टोक इधर उधर घूमते रहते हैं। जिससे कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावनाएं बनी रहती है।
यदि कोई कोरोना की जांच कराता है और उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो दो से तीन मिनट में वह डेटा कोविड पोर्टल पर दर्ज हो जाता है। इसके बाद रैपिड रिस्पांस टीम उस संक्रमित के घर पहुंचकर सर्वे करती है।
इसमें यह देखा जाता है कि उस व्यक्ति की हालत उसे कोविड अस्पताल में भर्ती करने लायक है या नहीं। अगर कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं तो वह टीम यह देखेगी कि आपके घर में वह सुविधाएं हैं या नहीं जो कोरोना संक्रमित व्यक्ति को स्वजन से पूरी तरह अलग रख सकें। सभी शर्तें पूरी हो रही है तो टीम अपने कंट्रोल ऑफिसर को रिपोर्ट देगी और संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेशन की अनुमति मिल जाएगी।
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