गोंडा। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में हुए 21.47 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में शुक्रवार को शाखा प्रबंधक अनावश्यक अभिलेख लेकर नगर कोतवाली पहुंचे। अभिलेख देखते ही विवेचक ने लौटा दिए। विवेचक ने नए सिरे से छह बिंदुओं पर अभिलेख तलब किए हैं।
उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा में वर्ष 2021 में 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के गबन के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी तफ्तीश बढ़ नहीं पा रही है। नगर कोतवाली के निरीक्षक अपराध एवं विवेचक सभाजीत सिंह ने बुधवार को ही बैंक प्रबंधक भुवनचंद सती से ऋण से जुड़े अभिलेख तलब किए थे। इनमें ऑडिट रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति समेत पांच बिंदुओं पर अभिलेख की मांग की थी।
विवेचक ने बताया कि दो दिन बाद बैंक प्रबंधक अभिलेखों का गट्ठर लेकर आए, करीब हजार प्रतियां थीं, लेकिन सारे अभिलेख अनावश्यक थे। इनमें से तफ्तीश को आगे बढ़ाने से संबंधित एक भी प्रपत्र नहीं था। इसलिए उन्हें वापस कर दिया गया। अब नए सिरे से अभिलेख मांगे गए हैं। इनमें ऑडिट रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति, अप्रेजल रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति, बैंक से ऋण लेने के लिए रजिस्ट्री कागजात की प्रमाणित प्रति, खाताधारकों का स्टेटमेंट, बैंक के आंतरिक खातों से निकाली गई धनराशि से संबंधित स्टेटमेंट व किस खाते में पैसे गए उसका स्टेटमेंट मांगा गया है। इसके बाद तफ्तीश की दिशा तय होगी।