बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। सभी अफसरों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ के दौरान होने वाली त्रासदी से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। शासन से धन आंवटन के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
कोड़रीघाट स्थित पुल के पास राप्ती नदी में गुरुवार को सदर तहसीलदार की निगरानी में दो स्टीमर उतार दिया गया है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में कंट्रोल रूम चालू कर दिया गया है। यह बातें डीएम प्रीति शुक्ला ने गुरुवार की शाम कलेक्ट्रेट कार्यालय में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक अफसरों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कही।
डीएम ने सभी अफसरों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए पूरे इंतजाम करने में सभी लोग जुट जाएं। डीएम ने तहसीलदार सदर राम प्यारे को निर्देश दिया कि कलेक्ट्रेट स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में रखे दोनों स्टीमरों को चालक व अन्य संसाधनों से लैस करके तत्काल राप्ती नदी में उतार दिए जाएं।
डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने अपनी निगरानी में दोनों स्टीमरों को कोड़रीघाट स्थित राप्ती नदी में उतार दिया है। तसीलदार ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान समस्या उत्पन्न होने पर मोबाइल नंबर 9454416060 पर काल करके तत्काल अवगत कराएं।
समस्या का तुरंत निस्तारण कराया जाएगा। दोनों स्टीमर के चालकों को सभी संसाधनों से लैस कर दिया गया है। डीएम ने एडीएम/आपदा प्रबंधन अधिकारी गंगाराम गुप्ता को स्थिति पर नियंत्रण रखने का निर्देश दिया है। एडीएम ने बताया कि कलेक्ट्रेट के आपदा प्रबंधन कार्यालय में कंट्रोल रुम चालू कर दिया गया है।
कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्टवाइज लगा दी गई है। 24 घंटे कंट्रोल रुम का नंबर चालू रखने का निर्देश सभी कर्मियों को दिया गया है। सीएमओ डा. यूके वर्मा को दवाओं आदि का प्रबंध करने का निर्देश डीएम ने दिया है। इस दौरान सीडीओ रामाश्रय, सदर एसडीएम इंदुभूषण वर्मा व नायब तहसीलदार सदर लालजी विश्वकर्मा सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।