खाद की कालाबाजारी को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम व उर्वरक निरीक्षक की टीम ने बीते दिन जिले के 35 दुकानों पर छापा मारा। खाद की दुकानों पर मिलावट का संदेह होने पर फास्फेटिक व पोटेशिक उर्वरकों के 17 नमूने एकत्र कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
गैसड़ी विकास खंड में जांच के दौरान तीन दुकानें बंद पाए जाने पर दुकानदारों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
जिला कृषि अधिकारी अमित कुमार चौबे ने बताया कि शुक्रवार को एसडीएम व उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर छापा मारकर खाद के स्टाक, गुणवत्ता तथा अभिलेखों की जांच-पड़ताल की।
जांच में मिलावट का संदेह होने पर अलग-अलग दुकानों से खाद के 17 नमूने एकत्र किए गए। नमूनों को जांच के लिए विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच के दौरान गैसड़ी विकास खंड में हमीद खां, रशीद खां एवं अजय सिंह की फुटकर खाद की दुकान बंद पाई गई।
इन दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने जिले के सभी खाद विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि उर्वरकों का रख-रखाव ठीक ढंग से किया जाए। अभिलेखों को दुकानों पर ही रखा जाए। किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक की बिक्री की जाए और विक्रेता को कैश मेमो भी दिया जाए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में 22635 एमटी यूरिया, 2615 एमटी डीएपी, 1755 एमटी एनपीके, 300 एमटी पोटाश तथा 2 हजार एमटी एसएसपी उपलब्ध है। यूरिया सादा का निर्धारित मूल्य 334 रुपये तथा यूरिया नीम कोटेज 348 रुपये प्रति बोरी है। उन्होंने किसानों से मिट्टी जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही खेतों में यूरिया का प्रयोग करने की अपील की है।