गोंडा। देहात कोतवाली क्षेत्र के जमदरा के मजरे छोटी उजैनी में प्रतिमा स्थापना को लेकर रविवार को दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एडीएम की अगुवाई में करीब पांंच घंटे तक चली बातचीत के बावजूद देर शाम तक मामला सुलझ नहीं सका। तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस व पीएसी तैनात की गई है। माहौल बिगाड़ने वाले दोनों पक्षों के लोगों पर पुलिस की नजर है।
देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत खोरहंसा पुलिस चौकी क्षेत्र के जमदरा के मजरे छोटी उज्जैनी में रविवार सुबह प्रतिमा स्थापना को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। मामला बढ़ता देख कोतवाल देवेंद्र श्रीवास्तव ने अधिकारियों को सूचना दी। एडीएम आलोक कुमार, एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी, एएसपी पूर्वी मनोज कुमार रावत, एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय के साथ छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की। करीब पांच घंटे बाद भी सफलता नहीं मिल सकी।
दुर्गा प्रतिमा को पुलिस ने कब्जे में ले लिया और ग्रामीणों को नई परंपरा कायम करने से मना कर दिया। प्रतिमा स्थापित करने पर अड़े उमेश तिवारी व बाबू कुमार को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि कुछ देर बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। जमदरा के दयाप्रकाश शुक्ल ने बताया कि छोटी उज्जैनी में काली स्थान के नाम पर जमीन है। उसी जमीन पर प्रतिमा रखी जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने रोक दिया। वहीं, दूसरे पक्ष के सनवर दिलावर व बेचन का कहना है कि वहां पर कब्रिस्तान, कर्बला व मजार है। इसलिए पांच बिस्वा जमीन बगल में प्रतिमा स्थापित करने के लिए दी जा रही थी मगर बात नहीं बनी। भकुरहा चौराहा के पास हमेशा से सड़क किनारे प्रतिमा स्थापित की जाती है।
प्रशासन ने एहतियातन गांव में पुलिस व पीएसी तैनात कर दी है। पुलिस का कहना है कि नई परंपरा नहीं कायम होने दी जाएगी।
विवाद की सूचना पाकर केंद्रीय दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष अरुण शुक्ल, महामंत्री राकेश वर्मा, पवन शुक्ल, भरत गिरि व विजय वर्मा मौके पर पहुंचे और मामले को जिला प्रशासन के साथ सुलझाने में लगे रहे। मगर बात नहीं बनी।
एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया गया है। दोनों पक्षों से बातचीत की गई है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है। अनुमति न होने से दूसरी जगह प्रतिमा स्थापित कराई गई है। किसी तरह का तनाव नहीं है।