सहायक शासकीय अधिवक्ता अंबरीश यादव के अनुसार इटियाथोक थाना क्षेत्र के भवनियापुर उपाध्याय छिछुली के रहने वाले इकबाल अहमद ने 31 मार्च 2012 को थाना खरगूपुर में अशफाक पुत्र रईस उर्फ बौरे, जहीरुलनिशा पत्नी रईस उर्फ बौरे, रईस उर्फ बौर पुत्र दुखी उर्फ इश्हाक निवासी बलहीजोत के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया कि उसने (इकबाल) अपनी पुत्री अलीमुननिशा की शादी चार साल पहले अशफाक के साथ की थी। शादी में बाइक व सोने-चांदी के जेवरात भी दिए थे। ससुराल वाले दान-दहेज से संतुष्ट नहीं थे।
दहेज में एक लाख रुपये की मांग को लेकर ससुराल वाले अलीमुननिशा को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर अलीमुननिशा को 27 मार्च 2010 की रात ससुराल वालों ने मारकर दफना दिया। बाद में जानकारी होने पर कब्र खोदवाकर शव को निकाला गया और पोस्टमार्टम कराया गया।
सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों के बयान कराए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर दहेज हत्या के आरोप में पति अशफाक को दस साल के सश्रम कारावास सजा, सास जहीरुलनिशा व ससुर रईस उर्फ बौर को सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा व दहेज प्रताड़ना के आरोप में तीनों को दो-दो वर्ष के कारावास तथा दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
साक्ष्य छिपाने के आरोप में तीनों आरोपियों को दो-दो साल के कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दहेज प्रतिशेध अधिनियम के आरोप में सभी को दो-दोे वर्ष के कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।