सावन के पहले सोमवार को शिव मंदिरों में जुटने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की गई है। मंदिरों में जलाभिषेक के लिए शिव भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिरों को झालरों से सजाया गया है।
मंदिरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा भी पूरी तरह चौकसी बरती जा रही है। हिन्दू धर्म में सावन सोमवार की विशेष महत्ता बताई गई है। ऐसी मान्यता है कि सावन माह में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
भक्तों के सारे कष्टों का निवारण भोलेनाथ अवश्य करते हैं। इसी मान्यता के चलते सावन माह के प्रत्येक सोमवार को शिवालयों में शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटती है। तीन जुलाई को सावन माह का प्रथम सोमवार है। प्रथम सोमवार को शिवालयों में जुटने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं।
नगर के झारखंडी मंदिर, पचपेड़वा के शिवगढ़ धाम मंदिर तथा राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वरनाथ मंदिर में बैरीकेटिंग कर शिव भक्तों को बारी-बारी से जलाभिषेक करने दिया जाएगा। इसके अलावा उतरौला के दुखहरण नाथ, देवीपाटन मंदिर स्थित शिवालय, मथुरा स्थित शिवालय, झारखंडेश्वर महादेव मंदिर एवं बिजलीपुर स्थित शिवालय में भी सावन के पहले सोमवार को भक्तजन भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
कांवरिये पवित्र सरोवर व नदियों से जल भरकर भोर पहर से ही मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करेंगे। सावन के सोमवार को देखते हुए सभी मंदिरों को झालरों से सजाया गया है। प्रशासन ने भी मंदिरों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए है। सभी मंदिरों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किये जायेंगे।