- डीएम को मिला तहसीलदार के लिए रिश्वत मांगने का वीडियो
- पुष्टि के बाद डीएम ने की कार्रवाई, जांच कमेटी गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। तहसील सदर में एक कर्मचारी द्वारा तहसीलदार के लिए रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने इस पर सख्त रवैया अपनाते हुए वीडियों की पुष्टि के बाद रिश्वत मांगने के आरोपी तहसीलदार (न्यायिक) सदर के लिपिक सुरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। डीएम ने पूरे मामले की जांच अपर उपजिलाधिकारी प्रथम को सौंपी है। डीएम ने फरियादियों से उचित व्यवहार न करने वाले कर्मचारियों व अफसरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सदर तहसील में वादकारियों से मामलों के निस्तारण के नाम पर धन उगाही करने की शिकायत लगातार डीएम से की जा रही थी। बीते दिन एक वीडियो डीएम काे भेजा गया। इसमें तहसील का एक कर्मचारी अपने अधिकारी के लिए रिश्वत मांगता दिख रहा था। हालांकि अमर उजाला इस तरह के वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए रिश्वत मांगने के आरोपी तहसीलदार (न्यायिक) सदर के लिपिक को निलंबित कर मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। निलंबन की अवधि में आरोपित किसी तरह का अन्य रोजगार नहीं करेगा। इसका प्रमाण पत्र भी देना होगा कि वह किसी रोजगार में लिप्त नहीं है।
चारों तहसीलों के कामकाज की बढ़ेगी निगरानी
सदर तहसील में रिश्वतखोरी का खुलासा होने पर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। तहसीलों के साथ ही ब्लाॅकों में निगरानी होगी। औचक निरीक्षण के साथ ही फरियादियों से मोबाइल पर बातचीत करके भी फीडबैक लेंगे। दीपावली बाद ऐसे चिह्नित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी तय होगी।