गोंडा। सर्पदंश से पीड़ित किशोर को एंटी स्नेक वेनम की जगह टिटनेस का इंजेक्शन लगाकर मुख्यालय रेफर करने के मामले में जांच टीम ने प्रथमदृष्टया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार को दोषी माना है। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने आरोपी डॉ. संजय कुमार का स्थानांतरण मनकापुर सीएचसी में करते हुए अग्रिम आदेशों तक वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी है।
विगत 27 अगस्त को छपिया के नारायनपुर निवासी अरुण कुमार (15) सर्पदंश का शिकार हो गया था। परिजनों ने छपिया सीएचसी पहुंचाया, जहां समय से उपचार नहीं शुरू हुआ। अरुण के परिजनों ने आरोप लगाया कि सांप काटने की पुष्टि होने के बावजूद आरबीएसके के चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार ने एंटी स्नेक वेनम नहीं लगाया। डॉक्टर ने टिटनेस का इंजेक्शन लगाकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां पहुंचने पर डॉक्टर ने अरुण को मृत घोषित कर दिया। एसीएमओ डॉ. जयगोविंद ने बताया कि मामले में डॉ. संजय को दोषी माना गया है। सीएमओ के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।