ब्लॉक रूपईडीह क्षेत्र के किसानों की धान की फसलों में बालियां न आने के मामले की जांच शुरू हो गई है। कृषि विभाग के बीज विशेषज्ञों व बीज सप्लाई करने वाली कंपनी के डीलरों की संयुक्त टीम सोमवार को किसानों के धान की फसलों का जायजा लेगी। किसानों को कंपनी के धान का घटिया बीज सप्लाई किये जाने के मामले को गंभीरता से लेकर जिला कृषि अधिकारी ने बीज की सप्लाई करने वाले डीलरों को तलब किया है।
रूपईडीह ब्लॉक के ग्राम डारीडीह के किसान राज कुमार मौर्या, दुबावल गांव के प्रागराज तिवारी, मझौवा के छांगुर सिंह, कुरासी गांव के जुम्मन समेत एक दर्जन किसानों ने जो धान लगाया था उसमें बालियां तक नहीं निकली हैं।
इन किसानों का न सिर्फ कीमती समय जाया हुआ बल्कि इनकी फसलें बालियां न आने से बर्बाद हो गईं। इससे इन किसानों को आर्थिक रूप से करारा झटका लगा है।
जिला कृषि अधिकारी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी के बीज सप्लाई की जांच शुरू करा दी है। इसके लिए उन्होंने गोदावरी बीज कंपनी के डीलरों व थोक विक्रेता को तलब कर जानकारी ली है।
इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बीज के डीलरों की संयुक्त टीम का गठन किया है। यह टीम सोमवार को रूपईडीह ब्लॉक के धान की घटिया बीज से प्रभावित फसलों का जायजा लेने जाएगी।
टीम किसानों से जानकारी लेने के साथ उनके बयान दर्ज करेगी। खराब बीज के चलते धान की फसलों में बालियां न आने से किसानों में आक्रोश के साथ मायूसी है। कई भोले-भाले किसान इसे अपनी फूटी किस्मत मान कर खुद को कोस रहे हैं।
रूपईडीह ब्लॉक के गोपाल बाग स्थित बीज दुकान से किसानों ने गोदावरी बीज कम्पनी का हाईब्रिड प्रजाति का धान बीज खरीदा था।
बेड़न तैयार होने पर जुलाई माह में करीब एक दर्जन किसानों ने करीब 36 बीघे में धान की रोपाई की। लेकिन बीज की किस्म कुछ इस तरह निकली कि उसमें अक्तूबर क्या नवंबर तक बालियां ही नहीं निकलीं।
इस मामले में फुटकर दुकानदार व बीज लेने वाले किसानों ने खराब बीज सप्लाई करने के मामले में बीज जिला कृषि अधिकारी से फसलों की जांच कराकर बीज कम्पनी से किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की।
किसानों को घटिया बीज दिये जाने के मामले में बीज की सप्लाई करने वाले सभी लोगों को तलब किया है। गोदवरी बीज कम्पनी के सप्लायर्स व कृषि विभाग के बीज विशेषज्ञों की टीम सोमवार को धान की फसलों में बालियां न आने का जायजा लेगी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -विनय सिंह, जिला कृषि अधिकारी, गोंडा