गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 112 परिषदीय विद्यालयों को कम छात्र संख्या के आधार पर अन्य स्कूलों में पेयर किए जाने के आदेश का शिक्षकों ने विरोध किया है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जिला पंचायत टीनशेड में आयोजित धरने में सैकड़ों शिक्षक जुटे और सरकार की इस नीति को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के विरुद्ध बताया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी की अगुवाई में सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि शासनादेशों के विपरीत निजी विद्यालयों को खुली छूट दी जा रही है जबकि सरकारी स्कूलों को सुविधाएं देने की बजाय बंद किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि विद्यालयों को बंद करने की बजाय वहां शिक्षकों की पूर्ण तैनाती, बुनियादी सुविधाओं का विकास और एक किलोमीटर के दायरे में चल रहे अवैध निजी स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए। साथ ही शिक्षकों को बीएलओ की ड्यूटी से मुक्त करने, केवल शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने और बिजली कनेक्शन जैसी समस्याओं को तत्काल हल करने की भी मांग की गई। संघ के कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, जिला मंत्री उमाशंकर सिंह, यशवंत पांडेय, अवधेश त्रिपाठी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
छात्रहित में लिया गया निर्णय
बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 40 से कम छात्र संख्या वाले 112 विद्यालयों को आसपास के स्कूलों से पेयर किया गया है। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। नई व्यवस्था 1 जुलाई से प्रभावी होगी।
राजनीतिक दल भी आए समर्थन में
सपा के राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम खान बीएसए से मिले और कहा कि उन्होंने खुद जमीन दान देकर एक स्कूल खुलवाया, जिसमें 37 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसके बावजूद विद्यालय को ढाई किलोमीटर दूर मर्ज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मनमानी बंद नहीं की तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।