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बेरहम टीचर: कक्षा दो के छात्र को गिनकर मारे 105 डंडे, पैरों और शरीर पर गहरे चोट के निशान; देखकर कांप गए घरवाले

Fri, 06 Feb 2026 07:09 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

गोंडा में बेरहम टीचर ने कक्षा दो के छात्र को गिनकर 105 डंडे मारे। पैरों और शरीर पर गहरे चोट के निशान उभर आए। देखकर घरवाले कांप गए। स्कूल ने शिक्षक को नौकरी से निकाल दिया है। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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शिक्षक की पिटाई से छात्र के पैर में बने निशान। - फोटो : परिजन
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विस्तार
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यूपी के गोंडा में निजी विद्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कक्षा दो में पढ़ने वाले 09 वर्षीय छात्र को गृहकार्य पूरा न करने पर कथित तौर पर 105 डंडे गिनकर मारे गए। इससे बच्चे के दोनों पैरों व शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान उभर आए। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वहीं, स्कूल प्रबंधतंत्र ने शिक्षक को नौकरी से निकाल दिया है।

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करनैलगंज थाना क्षेत्र के चतरुपुर नकार निवासी राज प्रसाद ने बताया कि उनका पुत्र अभिषेक गोस्वामी गुमदहा स्थित एमआरजी पब्लिक स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता है। बृहस्पतिवार को वह विद्यालय गया था। गृहकार्य पूरा न होने पर शिक्षक प्रखर सिंह ने 105 डंडे मारे। घर लौटने पर बच्चे की हालत देख परिजन सन्न रह गए। उसके पैरों पर सूजन और गहरे निशान थे। इसके बाद उसे उपचार दिलाया गया।

शिकायत न करने का दबाव भी बनाया

पीड़ित पिता का आरोप है कि जब उन्होंने विद्यालय के संचालक माधवराज से शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में शिक्षक की ओर से शिकायत न करने का दबाव भी बनाया गया।

कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि पीड़ित पिता की तहरीर पर आरोपी शिक्षक के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। चचरी चौकी प्रभारी अवनीश शुक्ला को मामले की जांच सौंपी गई है। बच्चे का चिकित्सीय परीक्षण भी कराया जा रहा है।
 
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खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है। वह स्वयं विद्यालय जाकर जांच करेंगे। लापरवाही में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षक को विद्यालय से निकाला गया-प्रधानाचार्य

विद्यालय के प्रधानाचार्य माधवराज का कहना है कि घटना संज्ञान में आते ही संबंधित शिक्षक को विद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। विद्यालय प्रबंधन इस तरह की हरकत को कतई स्वीकार नहीं करता।

क्या कहता है बाल अधिकार कानून

शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई) की धारा 17 के तहत विद्यालय में किसी भी बच्चे को शारीरिक दंड या मानसिक प्रताड़ना देना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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