गोंडा। जिले के वजीरगंज ब्लॉक में प्राइमरी स्कूल भितरी प्रथम में कार्यरत शिक्षक वीरेंद्र कुमार फर्जी अभिलेख पर नौकरी कर रहे थे। उनकी नियुक्ति जून 2011 में परसपुर के प्राइमरी स्कूल सेमरी में हुई थी। वह वास्तव में बस्ती जनपद के प्राइमरी स्कूल बिहरा ब्लाक कप्तान गंज में चक्रधर द्विवेदी के नाम से शिक्षामित्र है। उसने यहां शिक्षक और बस्ती में शिक्षामित्र के रूप में अलग अलग नाम से नौकरी करता रहा और वेतन व मानदेय लेता रहा।
इसकी जानकारी होने पर बीएसए ने स्पष्टीकरण मांगा और जवाब न मिलने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बीएसए डा. इन्द्रजीत प्रजापति ने बताया कि शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है और एफआईआर दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है।जिले में लगातार फर्जी अभिलेख पर शिक्षक की नौकरी हथियाने का मामला उजागर हो रहा है। गुरुवार को बहुत ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बस्ती में शिक्षा मित्र रहे चक्रधर द्विवेदी ने जिले में शिक्षक बन कर नौ साल तक नौकरी की। मानव संपदा फीडिंग में अंतर मिलने पर जांच हुई तो सच सामने आया। बीएसए ने बताया कि शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है और एफआईआर दर्ज की जा रही है।