आईटीआई मैदान में गैस के लिए लाइन में लगे उपभोक्ता। स्रोत: उपभोक्ता
नवाबगंज/गोंडा। रसोई गैस की किल्लत अब सीधे आम आदमी की थाली और जेब पर असर डाल रही है। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से शहर में चाय से लेकर मिठाइयों तक के दाम बढ़ गए हैं। कई पारंपरिक व्यंजन बाजार से गायब होने लगे हैं। हालात यह हैं कि 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 12 से 15 रुपये तक बिक रही है।
शहर की सिंचाई विभाग कॉलोनी और एलबीएस चौराहे के आसपास कई दुकानों पर कुल्हड़ चाय 15 रुपये तक पहुंच गई है। गैस संकट का असर मिठाई कारोबार पर भी साफ दिख रहा है। रानीबाजार और सुभागपुर इलाके में रबड़ी-बालूशाही बनना लगभग बंद हो गया है। दुकानदार रजत रायतानी ने बताया कि रबड़ी बनाने में अधिक ईंधन लगता है, जो मौजूदा हालात में संभव नहीं है। ऐसे में अब केवल सीमित उत्पाद ही तैयार किए जा रहे हैं।
नवाबगंज क्षेत्र में गैस की कमी से छोटे-छोटे होटल, ढाबे और चाय-नाश्ते की दुकानें बंद होने लगी हैं। कई दुकानदार गैस सिलिंडर न मिलने के कारण दुकान बंद कर चुके हैं, जबकि कुछ दुकानदार कोयले और लकड़ी से जैसे-तैसे काम चला रहे हैं। थाने चौराहे के पास होटल चलाने वाले अशोक तिवारी बताते हैं कि गैस नहीं मिलने से करीब दस दिन तक दुकान बंद रखनी पड़ी। अब कोयले की भट्ठी बनाकर काम फिर शुरू किया है। ढाबों और होटलों का मेन्यू भी अब सीमित हो गया है, जिससे ग्राहकों की संख्या पर भी असर पड़ा है।
जल्द सामान्य होंगे हालात
गैस के स्टॉक में कोई कमी नहीं है। बुकिंग के अनुसार लोगों को सिलिंडर दिया जा रहा है। बिना बुकिंग व ई केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को दिक्कत होती है। उपभोक्ता संयम रखें। जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे।
कुंवर दिनेश प्रताप सिंह, डीएसओ