गोंडा। परिषदीय स्कूलों के 3.36 लाख नौनिहालों को ठंड से पहले स्वेटर देने की कवायद विभाग ने तो की लेकिन आपसी खींचतान से समय से स्वेटर वितरण नहीं हो सका। अब 30 नवंबर तक स्वेटर वितरण करने का समय तय किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल से स्वेटर वितरण कराने के लिए फर्म तो तय कर ली है लेकिन अभी तक स्वेटर की खेप नही आ पाई है।
ऐसे में 30 नवंबर तक सौ फीसदी वितरण टेढ़ी खीर लग रहा है। माना जा रहा है कि देरी से वितरण हुआ तो फर्म को भुगतान में झटका लगेगा। बीएसए मनिराम सिंह दावा कहते हैं कि स्वेटर वितरण की तैयारी पूरी कर ली गई है। समय से वितरण कराने पर जोर है।
स्कूलों के नौनिहाल को नवंबर माह से पहले ही स्वेटर देने का सपना मुख्यमंत्री ने देखा था। उनके निर्देश पर सितंबर में ही विभाग ने कवायद शुरू कर दी। स्वेटर के लिए गोंडा जिले को 6.75 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित हो गया है। अक्तूबर में ही फर्म का चयन जेम पोर्टल से करने की कवायद की गई, पहली बार में टेंडर आपसी रार में नहीं हो पाया।
अब जाकर एक फर्म का चयन तो हो गया लेकिन अभी तक स्वेटर की उपलब्धता को लेकर संशय बरकरार है। वैसे विभाग का दावा है कि खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के माप को एकत्र कर लिया जाए और इसकी रिपोर्ट फर्म को दी जाएगी। 15 नवंबर तक स्वेटर वितरण शुरू कराकर हर हाल में 30 नवंबर तक वितरण पूरा कराया जाएगा।
इसके लिए फर्म को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने कड़ा रुख अपनाया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों की क्लास ली। साफ तौर पर कहा कि स्वेटर की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और तय समय में वितरण सुनिश्चित हो।
विभाग ने बचाया 20 लाख का सरकारी बजट
जेम पोर्टल से फर्म तय करके विभाग ने सरकार के बजट के 20 लाख रुपये की बचत की है। एक स्वेटर की खरीद के लिए 200 रुपये बजट तय किया गया था। जिले में 196.25 रुपये प्रति स्वेटर का खरीद रेट फाइनल किया गया है।
इससे करीब 20 लाख रुपये का खर्च कम आएगा। इसी तरह बेसिक शिक्षा विभाग ने अन्य जिलों में भी बचत की है। सरकारी बजट में बचत होने से विभाग की वाहवाही तो हुई लेकिन अभी तक स्वेटर न बंट पाने से बच्चों के सामने परेशानी है।
गुणवत्ता की जांच के लिए बनेगी टास्क फोर्स
स्कूलों के बच्चों को स्वेटर देेने की योजना पर सरकार की कड़ी नजर है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी खरीद और वितरण पर नजर रखेगी। इसके अलावा वितरित किये गए स्वेटर की जांच के लिए टास्क फोर्स भी गठित होगी। स्वेटर की गुणवत्ता में कमी मिलने पर कार्रवाई तय की जाएगी। इसके लिए कड़े निर्देश विभाग को दिए गए हैं।
स्कूलों के बच्चों को स्वेटर देने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इसमें देरी तो हुई है लेकिन समय से स्वेटर वितरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-मनिराम सिंह, बीएसए