गोंडा। गांवों को खुले से शौचमुक्त बनाने के लिए अब व्यक्तिगत शौचालयों के साथ ही सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पंचायतों में होगा। प्रमुख सचिव पंचायत राज ने हर पंचायत में सामुदायिक सुलभ शौचालयों के निर्माण के आदेश दिए हैं। जिले की 1054 पंचायतों के सार्वजनिक स्थानों पर इन शौचालयों का निर्माण होगा और इस पर करीब 21 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। शासन ने ऐसे सामुदायिक शौचालयों के निर्माण कराने को कहा है जिसका प्रयोग महिला और पुरुष दोनों कर सकें। शौचालयों में दोनों के लिए शौचालय की व्यवस्था होगी और पंचायतें इसका संचालन करेंगी।
स्वच्छ भारत मिशन से बीते पांच सालों से गांवों को खुले से शौचमुक्त बनाने की मुहिम चल रही है। तीन लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसके बावजूद अभी गांवों में शौचालयों की सुविधा न होने से अक्सर ऐसे लोग खुले में शौच जाने को विवश हैं जिनके पास शौचालय बनाने के लिए स्थान की कमी है। बताया जा रहा है कि अभी भी करीब 57 हजार परिवार ऐसे हैं जिनके पास शौचालय नहीं है। इनको व्यक्तिगत शौचालय की सुविधा देने के साथ ही अब सामुदायिक शौचालय की सुविधा मिलेगी।
पंचायत राज विभाग ने चौथे राज्य वित्त आयोग व 14वें वित्त आयोग की धनराशि से शौचालयों के निर्माण कराने को कहा है। प्रत्येक गांव में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण दो लाख रुपये से अधिक का बजट तय किया गया है। 1054 पंचायतों में 21 करोड़ रुपये का बजट शौचालय निर्माण पर खर्च होगा। इसके लिए पंचायतों को कार्य योजना तैयार करके कार्य शुरू कराने को कहा गया है।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि पंचायत राज विभाग की ओर से गावों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए आदेश मिला है। इसे विभाग को भेजा गया है कि कार्य योजना तैयार कर तय समय में निर्माण की कार्रवाई पूरी कराएं।