जिले की तीन चीनी मिलें अब भी दो लाख 80 हजार किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर सकी हैं। तीनों चीनी मिलें किसानों का 245 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। गन्ना मूल्य भुगतान न होने से किसान परेशान हैं। मिल प्रबंधन तत्काल किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान करें अन्यथा संबंधित चीनी मिलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बजाज चीनी मिल इटईमैदा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जिला गन्ना अधिकारी पैरवी कर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें। ये बातें डीएम प्रीति शुक्ला ने बुधवार की देर शाम कैंप कार्यालय में जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह और बलरामपुर चीनी मिल के ग्रुप प्रबंधक एनके खेतान, शुगर कंपनी तुलसीपुर के जीएम केन जगबीर सिंह मलिक, बजाज चीनी मिल इटईमैदा के जीएम केन राजीव गुप्ता व पीएस चतुर्वेदी को किसानों के गन्ना मूल्य का तत्काल भुगतान कराने का निर्देश देते हुए कहीं।
डीएम ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में सभी चीनी मिलों को 280 रुपये प्रति क्विंटल की दर किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान करना होगा। पेराई सत्र 2014-15 का बलरामपुर चीनी मिल 90 हजार किसानों का 92 करोड़ 43 करोड़, शुगर कंपनी तुलसीपुर 60 हजार किसानों का 61 करोड़ 44 लाख और बजाज चीनी मिल इटईमैदा 30 हजार किसानों का 90 करोड़ 86 लाख रुपये अभी तक भुगतान नहीं कर सकी हैं।
डीएम ने बलरामपुर चीनी मिल को 29 प्रतिशत, शुगर कंपनी तुलसीपुर को 31.67 प्रतिशत और बजाज चीनी मिल इटईमैदा को 52.71 प्रतिशत बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान तत्काल करने का निर्देश जारी किया। मिल प्रबंधनों ने डीएम से आग्रह किया कि किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए भारत सरकार से ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवेदन कर दिया है।
चीनी का प्रति क्विंटल मूल्य 2700 रुपये निर्धारित करके बंधक बनाया गया था लेकिन बाजार में चीनी का मूल्य 2250 रुपये प्रति क्विंटल हो जाने के कारण बैंक ऋण नहीं मिल पा रहा है जिससे किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान संभव नहीं हो पा रहा है।
भारत सरकार से ऋण उपलब्ध होने के बाद तत्काल किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया जाएगा। बजाज चीनी मिल इटईमैदा के जीएम केन ने कहा कि शीरा और चीनी बेचकर भुगतान किया जा रहा है। डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी को बजाज चीनी मिल इटईमैदा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पैरवी करने का निर्देश दिया, जिससे किसानों के गन्ना मूल्य का यथाशीघ्र भुगतान संभव हो सके।
गन्ना मूल्य भुगतान न होने से किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त है। किसान तिलकराम, बच्छराज, बलदेव, शिवकुमार, राम तेज, शिव प्रसाद, गंगाराम, छबीले व राजू आदि ने डीएम को मांगपत्र देकर शीघ्र बकाया गन्ना मूल्य का भुुगतान कराने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि मार्च 2015 के बाद पेराई सत्र 2014-15 के गन्ना मूल्य का भुगातन नहीं किया गया है। शीघ्र ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हुआ तो लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।