हैदराबाद की पायनियर सीड कंपनी ने जिले के किसानों को इस खरीफ सीजन में संकर धान के घटिया बीज की सप्लाई की है। इस बात का खुलासा कृषि विभाग की जांच के लिए गए धान बीज के नमूने की बीज प्रमाणीकरण प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से हुआ है।
पायनियर कंपनी की ओर से किसानों को घटिया बीज की आपूर्ति करने की जानकारी से काश्तकारों के जहां होश उड़ गए हैं, वहीं कृषि विभाग के अधिकारी भी सकते में हैं। बीज आपूर्ति के नियमों का उल्लंघन करने के इस मामले में जिला कृषि अधिकारी ने हैदराबाद की मेसर्स पीएचआई सीड्स कंपनी पर नगर कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
इस बार खरीफ सीजन में शासन ने किसानों को डीबीटी के तहत अनुदान पर धान के संकर प्रजाति के बीज वितरण की योजना शुरू की थी। इसके लिए बीज वितरण कंपनियों को कृषि विभाग के सीधे राजकीय कृषि बीज भंडारों पर स्टाल लगा कर अच्छी गुणवत्ता वाले उन्नतशील बीज वितरण कराने को लगाया गया था।
इसमें जिले के रुपईडीह ब्लॉक के बीज गोदाम पर मेेसर्स पीएचआई सीड्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बीज वितरण के लिए स्टाल लगाया गया था। यहां पर कृषि विभाग की टीम ने गुणवत्ता जांच के लिए कंपनी के 27पी 63 प्रजाति के संकर धान बीज का 18 मई 2015 को नमूना लिया।
टीम ने धान बीज के नमूने को जांच के लिए बाराबंकी के बीज प्रमाणीकरण प्रयोगशाला भेजा था। प्रयोगशाला की ओर से कृषि विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में कई तरह के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस रिपोर्ट में न सिर्फ नमूने फेल हुए, बल्कि बीज के दाने मृत होने, कम जमाव वाला होने के साथ अमानक ठहराया गया है।
जिले में बीज की आपूर्ति करने वाली कंपनी ने जहां बीज अधिनियम 1966 व बीज नियंत्रण आदेश 1983 का उल्लंघन किया, वहीं गुणवत्ताहीन बीज की आपूर्ति कर शासन की किसानों को गुणवत्तापरक व उन्नतशील बीज उपलब्ध कराने के सपने पर भी पानी फेर दिया। कंपनी की ओर से जिले में घटिया बीज आपूर्ति करने की कारस्तानी पर जिला कृषि अधिकारी ने डीएम को रिपोर्ट भेजी।
डीएम के बीज कंपनी पर कार्रवाई करने के अनुमोदन के बाद जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह ने बीज कंपनी मेसर्स पीएचआई सीड्स प्राइवेट लिमिटेड बाबू खान मिलेनियम सेंटर राजभवा रोड रामाजी गुडा हैदराबाद के खिलाफ शुक्रवार को नगर कोतवाली में धोखाधड़ी व कर अधिनियम का केस दर्ज कराया है। कृषि विभाग ने कंपनी के बीज वितरण पर रोक लगा दी है।