करनैलगंज (गोंडा)। सकरौरा कुन्नूपुरवा निवासी कक्षा 12 की छात्रा अर्चना इंटर की परीक्षा की तैयारी कर रही थी। पिता मुनेश्वर ने बेटी का पंजीकरण कराने के लिए कॉलेज संचालक को 3,800 रुपये के साथ ही अभिलेख भी दे दिए, इसके बाद भी अर्चना का पंजीकरण नहीं किया गया। ऐसे में वह परीक्षा नहीं दे सकी। मामले में कॉलेज संचालक पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुनेश्वर के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2024-25 में चौरी-चौराहा स्थित मधू इंटर कॉलेज में उनकी बेटी अर्चना कक्षा 12 में पढ़ रही थी। कॉलेज संचालक अखिलेश तिवारी ने परीक्षा से पहले पंजीकरण के लिए 3,800 रुपये व शैक्षणिक दस्तावेज लिए थे। मगर, बेटी का पंजीकरण नहीं कराया। इस वजह से वह बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। जब वह कॉलेज संचालक से मिले तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उनका कहना है कि बेटी का साल बर्बाद हो गया। अपनी रकम वापस मांगने पर कॉलेज संचालक आनाकानी करते रहे। कोतवाल श्रीधर पाठक का कहना है कि छात्रा के पिता की तहरीर पर कॉलेज संचालक अखिलेश तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
संचालक बोले- आरोप बेबुनियाद
कॉलेज संचालक अखिलेश तिवारी का कहना है कि जिस छात्रा की बात की जा रही है, वह दो बार फेल हो चुकी है। उसके पिता ने 1800 रुपये दिए गए थे। ये रकम लौटाई जा चुकी है। आरोप बेबुनियाद व राजनीति से प्रेरित है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
मान्यता प्रत्याहरण की होगी कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। आईजीआरएस से शिकायत आई थी। संबंधित कॉलेज संचालक को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आए। मामले में मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई के लिए बोर्ड को रिपोर्ट भेजी जाएगी।