गोंडा में करनैलगंज के एल्गिन चरसडी बांध के ग्राम बांसगांव के पास कटान से बचाने के लिए कार्य करते ?
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करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी में विभिन्न बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जलस्तर में लगातार उतार और चढ़ाव के बीच एल्गिन चरसड़ी बांध को ग्राम बांसगांव के पास कटान से बचाने के लिए जद्दोजहद जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात के चलते शारदा, गिरिजा एवं सरयू बैराज से प्रतिदिन पानी छोड़े जाने से सरयू नदी में उतार-चढ़ाव प्रतिदिन हो रहा है। मौजूदा समय में एल्गिन चरसड़ी बांध से सट कर बह रही सरयू नदी में खतरे का निशान 106.07 के सापेक्ष 105.666 पर चल रही है जो खतरे के निशान से मात्र 41 सेंटीमीटर नीचे है।
गुरुवार को कुल डिस्चार्ज 123332 रहा। जिसमें 76 हजार 440 क्यूसेक पानी गिरजा बैराज, 39 हजार 395 क्यूसेक पानी शारदा बैराज, 7 हजार 487 क्यूसेक पानी का सरयू बैराज से छोड़ा गया था। जिसका डिस्चार्ज हो रहा है। हालांकि अभी बरसात की शुरुआत नहीं हुई है। ऐसे में अभी तक छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम है। फिर भी ग्राम बांसगांव के निकट बांध से बिल्कुल सटी हुई सरयू नदी का बहाव होने के कारण बांध के लिए खतरा बना हुआ है। जहां स्पर व ठोकर बनाकर बांध को बचाने की जद्दोजहद की जा रही है।
अधिकारियों की निगाहें बांध पर ही टिकी हुई है। इसके अलावा एल्गिन-चरसड़ी बांध की स्थिति जहां इसके पूर्व चार बार बांध की कटान हो चुकी है। उस जगह पर मजबूत की जा चुकी है। जिससे अब पुराने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ का खतरा कम है। मगर बांसगांव के पास बांध की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आने वाले समय में बरसात अधिक होने पर नदियों में बरसात के पानी के साथ-साथ बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा अधिक होने पर बांध के लिए खतरा पैदा हो सकता है। बांध की मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य में लगे सहायक अभियंता बाढ़ खंड एमके सिंह ने बताया कि बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा अब तक नहीं है और बांध को सुरक्षित किया जा चुका है।