गोंडा। अब गोंडा नगर में घुसते ही किसी बड़े शहर जैसा लुक दिखेगा। नगर की सीमा पोर्टरगंज से इनकैन चौराहा तक करीब चार किलोमीटर तक फोर लेन के डीवाईडर के बीचों-बीच स्ट्रीट लाइट लगवाई जाएगी। इस पर 73 लाख से अधिक की धनराशि खर्च होगी। इसके लिए सदर विधायक ने कार्य शुरू कराने के लिए विधायक निधि से 36 लाख रुपये की पहली किश्त नपाप को दे दी है। जिससे कार्य की शुरुआत हो सके।
शहर के पथवलिया से इनकैन चौराहे तक की फोरलेन सीसी रोड पूरी हो चुकी है। डिवाइडर के बीचो-बीच स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी जिससे सड़क पर उजाला हो सके और आवागमन में परेशानी न हो। शाम होते ही फोरलेन पर दूधिया रोशनी बिखरने से सड़क में चार चांद लगेगा। इसके साथ ही छोटी-छोटी दुर्घटनाएं होने से बचेंगी। अंधेरा रहने से सड़क पर खडे पशु नहीं दिखाई देते हैं और लोग भिड़ जाते हैं। साथ ही इनकैन चौराहे से एलबीएस चौराहा, अंबेडकर चौराहा, कचहरी मोड़, पुलिस लाइन मोड़, पोर्टगंज आदि मोहल्ले रोशन होंगे।
साथ ही कटरा बाजार, बेलसर, उतरौला, बहराइच मार्गों के लिए जाने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी। नपाप ने ऐसी स्ट्रीट लाइट लगाने की व्यवस्था की है जो दोनों तरफ उजाला दे सके। विधायक प्रतीक भूषण सिंह शहर को खूबसूरत करने के लिए कई प्रयास किए। गोंडा को स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल लाने के लिए अथक प्रयास किए। शासन से बजट न मिलने के कारण स्ट्रीट लाइट नहीं लग पा रही थी जबकि इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। बजट में देरी होने के कारण सदर विधायक ने अपनी निधि से शहर को चमकाने की ठानी और स्ट्रीट लाइट के लिए पहली किश्त के रूप में 36 लाख रुपए दे भी दिए।
विधियक निधि से मिला धन
शहर के प्रमुख स्थलों के विकास के प्रस्तावों पर कार्य जल्द ही शुरू कराया जायेगा। विधायक के प्रस्ताव पर स्ट्रीट लाइट लगाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। विधायक ने निधि से पैसा भी जारी कर दिया है। जिससे कार्य को रफ्तार मिलेगी और कार्य शीघ्र कराकर लोगों को उजाले की सौगात दी जायेगी।
-उज्मा राशिद, चेयरमैन नगर पालिका गोंडा
शहर को खूबसूरत बनाने का प्रयास
शहर को खूबसूरत बनाने का उनका प्रयास है, और इसके लिए वे लगातार प्रयास कर रहे है। फोर लेन पर स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर बहुत दिनों से प्लान कर रहा था। और आज इस सोंच को मूर्ति रूप दे दिया गया है। बहुत जल्द ही नपाप द्वारा कार्य को शुरू कराकर जनता को उजाला पेश कर दिया जायेगा। -प्रतीक भूषण सिंह, विधायक सदर