गोंडा। मंडल स्तरीय बाल उत्सव में बच्चों के सपनों, संघर्ष व बदलाव की प्रेरक कहानियों ने सभी को भावुक कर दिया। बीएसए कार्यालय के पास एक निजी लॉन में आयोजित कार्यक्रम में मंडल के उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के चयनित छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील व विशिष्ट अतिथि के बतौर संयुक्त विकास आयुक्त राकेश कुमार पांडेय व सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक)
रामसागर पति त्रिपाठी मौजूद रहे। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि अपने संघर्ष के बदौलत बेहतर कार्य करने वाले जिले से चयनित 10-10 बच्चों ने इसमें हिस्सेदारी की। इन प्रतिभागियों को पांच समूहों में विभाजित कर अलग-अलग विषयों पर स्टॉल लगाए गए।
बच्चों ने पोस्टर प्रतियोगिता और मौखिक अभिव्यक्ति के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। कई प्रतिभागियों ने बताया कि सेल्फ एस्टीम और मीना मंच कार्यक्रम से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। निर्णायक मंडल ने 25 अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया। इसमें सर्वाधिक 24 अंक गोंडा की अनुसुइया यादव को प्राप्त हुए। 23 अंक गोंडा की लक्ष्मी सोनी, बलरामपुर की साक्षी व गोंडा के रजनीश साहू को मिले। 22 अंक बहराइच की कविता, गोंडा की मुस्कान, बहराइच के आकाश गिरि और बलरामपुर के झूला वर्मा को प्राप्त हुए।
इसके साथ ही 21.5 अंक बहराइच की निधि तिवारी और 21 अंक श्रावस्ती की अनुप्रिया को मिले। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन 10 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। इस दौरान बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक रक्क्षांदा सिंह, नोडल शिक्षक दुर्गा प्रसाद गुप्ता, पंकज चौधरी,सुनील आनंद आदि मौजूद रहे।