नोटबंदी के 55 दिन बाद भी अभी तक ग्रामीण बैंकों की स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। उमरी बेगमगंज में सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर मंगलवार को सैकड़ों उपभोक्ताओं को कैश न मिलने से मायूस होना पड़ा। इससे नाराज उपभोक्ताओं ने बैंकों की इस लापरवाही पर नारेबाजी की। वहीं, रुपये निकालने गईं महिला उपभोक्ताओं ने कैश न होने की सूचना पर उमरी-बेलसर मार्ग पर जाम लगा दिया। उधर, नवाबगंज में एक ग्राहक को बैंक के गार्ड ने थप्पड़ जड़ दिया।
उमरी बेगमगंज में दो बैंक की शाखाएं हैं। इलाहाबाद बैंक में लोगों को कैश मिल रहा था, लेकिन सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में मंगलवार को कैश नहीं था। रुपये न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने उमरी-बेलसर मार्ग पर लगा दिया।
यहां के शाखा प्रबंधक रवींद्रनाथ रस्तोगी ने बताया कि सोमवार को कैश था तो लोगों को दिया गया। मंगलवार को कैश नहीं मिला। नवाबगंज कस्बा के मुट्ठीगंज मोहल्ला निवासी अजय कुमार कस्बे के पड़ाव मोहल्ला स्थित स्टेट बैंक की शाखा पर सोमवार की शाम चार बजे अपने खाते में अपना मोबाइल नंबर फीड कराने गया था।
अजय ने आरोप लगाया कि जब वह बैंक के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था तो पहले गार्ड ने रोका। जब वह फिर जाने लगा तो उसने कालर पकड़कर बाहर धक्का दे दिया और पिटाई की। इसकी शिकायत अजय ने मंगलवार को प्रबंधक निर्मल कुमार श्रीवास्तव से की।
प्रबंधक निर्मल ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। जांच कर गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक व स्टाफ के लोगों की शिकायत कस्बे के अन्य लोगों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर की है। आरोप है कि स्थानीय बैंक के लोग ग्राहकों से आये दिन मनमानी करते हैं। शिकायत करने वालों में राकेश गुप्ता, आलोक चौहान, राज प्रकाश, जितेन्द्र, मनोज, शनि चौहान, रवि चौहान, अप्पू व सुनील सिंह शामिल हैं।