गोंडा। किसान अब खेतों में पराली नहीं जला सकेंगे, उन्हें भूसा तैयार करना ही होगा। इसके लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। किसानों को भूसा बनाने पर फायदा भी होगा। गो आश्रय केन्द्रों पर पशुओं के लिए भूसे की खरीद होगी। जिलाधिकारी ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं, उन्होंने कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को भी चेतावनी दी है कि बिना भूसा बनाने वाली मशीन के गेहूं की कटाई की तो एफआईआर दर्ज होगी।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने जनपद में कंबाइन मशीन चालकों तथा कंबाइन से गेहूं की कटाई कराने वाले किसानों को सख्त हिदायत दी है। कहा कि किसान किसी भी दशा में गेहूं की फसल अवशेष को न जलाएं, अन्यथा की दशा में कंबाइन मालिक, चालक तथा संबंधित किसान के विरुद्ध एनजीटी के निर्देशों के क्रम में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी तथा कंबाइन मशीन को सीज कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा किसान इस तथ्य से भी भली भांति अवगत हैं कि खेत में फसल अवशेष जलाने पर पर्यावरण के साथ ही साथ मृदा उर्वरता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। एनजीटी ने फसल अवशेष जलाने वाले दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसानों ने खेतों में अवशेष जलाए तो एफआईआर के साथ ही उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा।
शासन ने फसल अवशेष जलाने की घटनाएं रोकने के उद्देश्य से फसल के क्षेत्रफल के आधार पर जुर्माना लगाने की बात कही है। दो एकड़ से कम क्षेत्रफल हेतु ढाई हजार रुपये प्रति घटना, दो एकड़ से अधिक तथा पांच एकड़ तक के क्षेत्रफल हेतु पांच हजार रुपये प्रति घटना एवं पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल हेतु 15 हजार रुपये प्रति घटना के हिसाब से अर्थदंड का प्राविधान किया गया है। दोषी व्यक्ति के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने किसानों से पराली न जलाने की अपील करते हुए चेतावनी भी दी है कि गेहूं की फसल की कटाई के उपरांत फसल अवशेष कदापि न जलाएं। यदि उन्हें भूसे की आवश्यकता नहीं है तो वे अपने भूसे को नजदीकी गो आश्रय केंद्र पर बेच सकते हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए जनपद के गो आश्रय केंद्र संचालकों को निर्देशित किया जा चुका है कि वे किसानों से अथवा कंबाइन चालकों से भूसा खरीदें। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर किसान भाई जनपद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से उनके मोबाइल नंबर 8299239581 पर संपर्क कर सकते हैं।