बालपुर। करनैलगंज के सोनहरा गांव स्थित प्राचीन राम जानकी मंदिर से डेढ़ माह पूर्व चोरी हुई भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां शनिवार सुबह रहस्यमय हालात में मिल गईं। तीनों मूर्तियां मंदिर के पास एक नवनिर्मित मकान की चौखट पर पड़ी थीं। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
सोनहरा के पंडित पुरवा स्थित राम जानकी मंदिर से पांच मई रात चोर ताला तोड़कर अष्टधातु की मूर्तियां उठा ले गए थे। अगले दिन सुबह पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे पुजारी को चोरी की जानकारी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
शनिवार सुबह मंदिर के पुजारी रामेश्वर प्रसाद शुक्ल ने मंदिर के समीप स्थित एक नवनिर्मित मकान में तीनों मूर्तियां पड़ी देखीं। सूचना पर एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय, कोतवाल और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
राम जानकी मंदिर के प्रशासक प्रमोद पांडेय ने बताया कि 1930 में अयोध्या से अष्टधातु की इन मूर्तियों को लाकर मंदिर में स्थापित किया गया था। तब से नियमित पूजा-अर्चना होती रही है। मूर्तियों की चोरी से ग्रामीण दुखी थे। अब मूर्तियों के वापस मिलने के बाद विधि-विधान से पुनः प्राण-प्रतिष्ठा कराई जाएगी। एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि मूर्तियां पुजारी के परिसर स्थित निर्माणाधीन मकान में मिली हैं। बरामदगी के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा चोरी करने वालों की तलाश जारी है।