गोंडा। मेडिकल कॉलेज में अब हार्ट अटैक से पीड़ित मरीजों को तत्काल बेहतर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। बुधवार को मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी वार्ड के पास स्टेमी केयर रूम (हृदयघात देखभाल कक्ष) तैयार किया गया है।
जिले में हृदयरोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रतिदिन करीब 10 से 12 मरीज हृदयाघात की समस्या से पीड़ित होकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आ रहे हैं। इसमें सामान्य मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। गंभीर मरीजों को लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। बीते दिनों एमडी फिजीशियन डॉ. एजाज अहमद को मुंबई से विशेष प्रशिक्षण दिलवाकर हृदयरोग की जांच व उपचार शुरू किया गया था।
अब इमरजेंसी के बगल स्टेमी केयर रूम तैयार किया गया है। जहां हृदयरोगियों को विशेष प्राथमिक उपचार देकर भर्ती किया जाएगा या जरूरत पड़ने पर रेफर किया जाएगा, जिससे मरीजों की जान पर संकट नहीं आएगा। मेडिकल कॉलेज के प्लमोनरी मेडिसिन के फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय को नोडल बनाया गया है।