समाजवादी पेंशन योजना का लाभ अपात्रों को देने में अधिकारियों की दरियादिली गरीब पात्रों पर भारी पड़ रही है। अधिकारियों की इसी दरियादिली के चलते हलधरमऊ ब्लॉक के रामगढ़ गांव में सऊदी, दिल्ली व लखनऊ में रहकर पेंशन का लाभ लेने का मामला सामने आया है। समाज कल्याण अधिकारी के जांच में गांव से बाहर रह रहे लोगों समेत 21 अपात्रों के पेंशन लेने के मामले का खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अपात्र पाये गए सभी 21 लोगों की पेंशन निरस्त कर दी है।
वित्तीय वर्ष 2014-15 में हलधरमऊ के रामगढ़ गांव में समाजवादी पेंशन योजना के लिए 47 लोंगों का चयन किया गया था। चयनित किए गए इन लोगों को पेंशन भी दी जा रही थी। इस योजना में अपात्रों को समाजवादी पेंशन का लाभ देने की तमाम शिकायतें जिले स्तर पर मिल रही थी।
इन शिकायतों को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने मई माह में पेंशन का लाभ लेने वाले सभी लाभार्थियों के सत्यापन के निर्देश दिए थे। सत्यापन के इस क्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने हलधरमऊ ब्लाक के रामगढ़ गांव में समाजवादी पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन किया तो पता चला कि इस गांव में लोग सऊदी, दिल्ली व लखनऊ में रहकर समाजवादी पेंशन का लाभ ले रहें हैं। चयनित किए गए 47 लाभार्थियों में स 21 लाभार्थी अपात्र पाये गए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी की सत्यापन रिपोर्ट के मुताबिक रामगढ़ गांव के अफजल की पत्नी शकीला को सऊदी में रहने के बावजूद समाजवादी पेंशन दी जा रही थी। इसी तरह सायराबानो,सुबरातन व जुगरा दिल्ली में रहने के बाद भी पेंशन का लाभ ले रहीं थी। असगर अली लखनऊ में रहकर अपनी दुकान चलाते हैं लेकिन उन्हे समाजवादी पेंशन का लाभ दिया जा रहा था।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह का कहना है कि सत्यापन में अपात्र पाये गए इन सभी 21 लोगों की पेंशन को निरस्त कर दिया गया है।