राज्य कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी अपनी मांगों के समर्थन में जमकर हंगामा काटा। चार साल बाद भी सुनवाई न होने पर प्रदेश सरकार के प्रति कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बुधवार को अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा काटा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के नेतृत्व में कर्मियों ने आगे की लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है। विभिन्न संगठनों के कर्मियों ने दो दिनों तक कलमबंद हड़ताल कर कार्य बहिष्कार किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन के समापन अवसर पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष पवन कुमार श्रीवास्तव व महामंत्री आरएस मिश्र ने ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर जिले में दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल पूरी तरह से सफल रही है।
कलेक्ट्रेट में जुटे हुजूम ने सरकार को कर्मचारियों के आगे झुकने के लिए अवश्य मजबूर करेगा। एकता की शक्ति से ही हम अपनी लड़ाई को जीत सकते हैं। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीएन उपाध्याय ने कहा कि चार साल से लगातार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करना प्रदेश की सपा सरकार को काफी महंगा पड़ेगा।
अपनी मांगों के समर्थन में सभी कर्मी सरकार के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगे पूरी न होने तक लड़ाई लड़ी जाएगी। परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने भी कर्मचारियों के हित में लड़ाई लड़ने का संकल्प दोहराया।
विभागों में चतुर्थ श्रेणी पदों पर कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित किए जाने, पुराने पेंशन नीति को लागू किए जाने, वेतन विसंगतियों को दूर किए जाने और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में संशोधन किए जाने की मांग के समर्थन में ट्रेजरी, विकास भवन, सिंचाई विभाग, एआरटीओ, जलनिगम, कृषि, लघु सिंचाई सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अपने-अपने सुझाव रखे। इस दौरान पंकज पांडेय, विनय सिंह, महमूद, सुशील कुमार, संजय गुप्ता, दुर्गा प्रसाद गुप्ता आदि ने भी धरने को संबोधित किया।