डीपीआरओ के फरमान से ग्राम प्रधानों में आक्रोश व्याप्त है। ग्राम प्रधानों ने शनिवार को तुलसीपुर ब्लॉक गेट पर ब्लॉक प्रमुख के नेतृत्व में घंटों धरना दिया। प्रधान राजकीय नियमों के आधार पर काम करने की मांग कर रहे हैं। ग्राम प्रधानों का कहना है कि डीपीआरओ तुगलकी फरमान जारी कर प्रधानों को परेशान कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे एसडीएम तुलसीपुर के समझाने पर प्रधान शांत हो गए।
शनिवार को कौवापुर में तुलसीपुर ब्लॉक मुख्यालय गेट पर धरने पर बैठे ग्राम प्रधानों का नेतृत्व ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद कर रहे थे। ब्लॉक प्रधान संघ अध्यक्ष मुईद खां ने बताया कि डीपीआरओ बलरामपुर अपने स्तर से नए-नए नियम कानून बनाकर प्रधानों को परेशान कर रहे हैं।
इन लोगों का कहना था कि वे राजकीय नियमों का अनुपालन तो करेंगे लेकिन डीपीआरओ का तुगलकी फरमान नहीं मानेंगे। प्रधान करीब तीन घंटे तक धरने पर बैठे रहे। मौके पर पहुंचे तुलसीपुर एसडीएम केएन गुप्ता ने प्रधानों को समझाकर शांत कराया। इस मौके पर मुर्तजा, विजयपाल सिंह, लाल साहब, राम नरायन, शहंशाह, रमेश सिंह समेत कई प्रधान मौजूद रहे।
उधर, बलरामपुर ब्लॉक में भी शनिवार को प्रधानों ने बैठक कर समस्याओं के निस्तारण के लिए चार अप्रैल को सीडीओ से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। प्रधानों ने मनरेगा मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने तथा आशा बहू, शिक्षामित्र, प्रेरक, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री के सत्यापन का अधिकार भी प्रधानों को देने की मांग की।
प्रधानों ने सभी गांवों में सुबह छह से नौ तथा अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक सफाई कर्मियों से काम कराने की मांग की। बैठक में सौरभ त्रिपाठी, कालिंदी सिंह, गौतम तिवारी समेत तमाम ग्राम प्रधान मौजूद रहे।