सोमवार को सदर ब्लॉक के ग्राम प्रधान डीपीआरओ के फरमान के खिलाफ लामबंद हो गए। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर तत्काल आदेश वापस लिए जाने की मांग की। शीघ्र आदेश वापस न होने पर ग्राम प्रधानों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन के बाद डीएम को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्या हल करने की मांग की है।
धरने को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधानों ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की राजाज्ञा से हटकर डीपीआरओ ने निजी फरमान जारी किया है। पांच हजार रुपये के ऊपर से चेक का भुगतान न करने, एक माह में 10 हजार रुपये से अधिक का आहरण न करने और एडीओ पंचायत से संस्तुति के बाद भी भुगतान का आदेश डीपीआरओ ने किया है।
इस आदेश से गांवों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो जाएगा। ग्राम प्रधानों एवं कर्मियों पर मनरेगा कार्य कराने का बनाया जा रहा अनुचित दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इंडिया मार्का-2 हैंडपंपों के मरम्मत में लगाए गए जटिल पेंच को तत्काल वापस लिया जाए। तसला, टोकरी, बाल्टी, फावड़ा व गैती आदि सामानों की खरीद के लिए मनरेगा इस्टीमेट में शामिल कराया जाए।
सफाई कर्मियों के ठेला, झाडू, चूना, ब्लीचिंग पाउडर, फावड़ा व स्प्रे मशीन आदि मशीन की शीघ्र व्यवस्था कराई जाए। समाजवादी, वृद्धा, विकलांग योजना के तहत पात्रों का चयन कराकर शीघ्र पेंशन की व्यवस्था कराई जाए।
नवगठित ग्राम पंचायतों में खाद्य सुरक्षा पोर्टल की व्यवस्था कराई जाए। स्वच्छ शौचालयों के निर्माण पर लाभार्थियों को चेक से भुगतान किया जाए। आशाबहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व कोटेदारों आदि के कार्यो का उपभोग प्रमाण पत्र ग्राम प्रधान द्वारा कराया जाए।
ग्राम प्रधानोंका मानदेय तत्काल दिलाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में सौरभ तिवारी, बाबू मिश्रा, राज बहादुर,अंगद, डॉ. जब्बार, महेश मिश्रा व आनंद बिहारी तिवारी आदि ग्राम प्रधान शामिल रहे।