गोंडा। पावर कॉर्पोरेशन के मीटर से बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका पड़ रहा है। बिलों के बढ़कर आने की शिकायतों से मीटर के कई गुना तेज चलने का मामला सामने आये हैं। स्मार्ट मीटर की तेज चाल से हर महीने करीब तीन लाख उपभोक्ताओं को बढ़ी बिल का झटका लग रहा है। स्मार्ट मीटर से बिजली का बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ जाता है।
स्मार्ट मीटरों व त्रुटिपूर्ण बिलों को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। कनेक्शन कटने के डर से मजबूरी में उपभोक्ता अधिक बिल जमा कर रहे हैं । वहीं अधिक मीटर रीडिंग के कई मामले उपभोक्ता फोरम व न्यायालय में विचाराधीन है। खपत के अपेक्षाकृत कई गुना अधिक बिल आने से उपभोक्ताओं का पावार कॉर्पोरेशन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकारी स्मार्ट मीटरों की शिकायतें नहीं सुन रहे हैं।
पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली के बिलों को समय से तय करने के लिए स्मार्ट मीटर लगाया था। बताया जा रहा है कि पावर कॉर्पोरेशन में तकनीकी रूप से किए गए सुधार से उपभोक्ताओं को काफी नुकसान हो रहा है। राज्य स्तर पर उपभोक्ता परिषद की ओर से भी इस बात पर आपत्ति जताई गई कि नए मीटरों से बिजली की रीडिंग अधिक हो रही है। इसमें सुधार के लिए हिदायत भी दी गई है इसके बावजूद जिले में कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
हर दिन अधिकारियों के दरबार में शिकायतें पहुंच रहीं हैं। आलम यह है कि जिले के अधिकारी मीटर की रीडिंग और उसकी स्थिति के बारे में खुद ही स्पष्ट नही हैं। जिससे उपभोक्ताओं की समस्या तो जस की तस है ही अधिकारियों के सामने भी समस्या बनी हुई है। आने वाली शिकायतों के निस्तारण में वह हाथ खड़े कर रहे हैं। सरकार ने भी स्मार्ट मीटरों में कमी मानकर उन्हें लगाने पर रोक लगा दिया था लेकिन सौभाग्य व अन्य योजनाओं के तहत नए स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं।
बिल सुधार के नाम पर भी होती दलाली
स्मार्ट मीटरों के खराबी के चलते अधिक बिल से परेशान उपभोक्ताओं को दलालों से मिलकर मिलकर बिजली बिल में सुधार कराना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली दफ्तर में बिल सुधार कराने जाने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। वहीं दलालों के माध्यम से बिल में सुधार हो जाता है। जितना पैसा कम होता है उसका आधा दलाल को देना पड़ता है। विभाग में तहसील स्तर तक दलालों का रैकेट काम करता है। इसमें भी उपभोक्ताओं को नुकसान ही उठाना पड़ रहा है।
चार गुना आ गया बिजली की बिल
उपभोक्ता दशरथ लाल कहते हैं कि चार एलईडी बल्व के साथ 3 पंखा चलाते थे जिसका 3 महीने का 4 हजार रुपया बिल आया है। राम सुंदर का कहना है कि सौभाग्य योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाया गया था। जिसमे 5 महीने में 9 हजार रुपये का बिल आ गया जबकि वह 3 एलईडी बल्ब व दो पंखा ही चलाता था। संपता देवी ने बताया कि मीटर लगने से पहले 300 रुपये महीने तक बिल आता था लेकिन स्मार्ट मीटर लगने से 5 महीने में 11 हजार बिजली का बिल आ गया।
स्मार्ट मीटरों से बढ़कर बिल आने की शिकायत मिलने पर उपभोक्ताओं के बिल में सुधार किया जाता है। अभी तक जिले में कितने स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं इसकी जानकारी नहीं है। कैंप लगाकर भी बिजली बिल में सुधार किया जाता है।
- पीके सिंह, एक्सईन मीटर, गोंडा