बलरामपुर। समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक लोहिया भवन में जिलाध्यक्ष डॉ. मणिक लाल कश्यप की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें विवाद होने पर समर्थक आपस में भिड़ गए। सूचना पर देहात कोतवाल फोर्स सहित पहुंच गए। किसी तरह मामला शांत कराया गया। वहीं, बैठक में सर्वसम्मति से 10 दिसंबर से सभी ब्लॉकों में पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया। पहला सम्मेलन 10 दिसंबर को गैसड़ी ब्लॉक में आयोजित होगा।
मासिक बैठक में नए मनोनीत पदाधिकारियों को जिलाध्यक्ष ने सम्मानित किया। जिला उपाध्यक्षों रामदयाल यादव, अयाज मुस्तफा, एजाज मलिक, परशुराम बौद्ध, जुगुलकिशोर पाल, हनुमान प्रसाद मौर्य, इकबाल जावेद, जोखू राम यादव, संजय तिवारी को सम्मानित किया गया। बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष युवजनसभा राकेश यादव ने पीडीए की बैठक सभी ब्लॉकों में दिसंबर माह में कराने का प्रस्ताव रखा। जिसपर मुहर लगाते हुए पहली बैठक 10 दिसंबर को गैसड़ी ब्लॉक में करने का निर्णय लिया गया।
एक पद पर जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष द्वारा अलग-अलग व्यक्तियों का चयन करने पर समर्थकों ने जमकर हंगामा काटा। प्रदेश अध्यक्ष ने सदर विधानसभा अध्यक्ष पद पर विजय मौर्य का मनोनयन किया है। जबकि इसी पद पर पूर्व विधायक रामसागर अकेला के बेटे महेंद्र अकेला का चयन जिलाध्यक्ष द्वारा किया गया। इसी तरह उतरौला नगर अध्यक्ष व सदर ब्लॉक अध्यक्ष पद पर भी जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष द्वारा अलग-अलग लोगों का चयन करने से विवाद बढ़ गया। काफी हंगामा होने पर देहात कोतवाली की पुलिस आई, लेकिन तब पूर्व विधायक जगराम पासवान, पूर्व विधायक मसहूद खां, पूर्व जिलाध्यक्ष परशुराम वर्मा व पूर्व जिलाध्यक्ष ओंकारनाथ पटेल के समझाने-बुझाने पर मामला शांत हो गया।