तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। बीते दिन बीईओ के निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ। बिना सूचना के नदारद मिले पांच शिक्षकों से बीईओ ने स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम होने पर नाराजगी जताई और इस संबंध में एक प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा।
जिले के झंझरी शिक्षा क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार गुप्ता ने गुरुवार को परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत देखने के लिए क्षेत्र के पांच स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। बीईओ ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय उम्मेदजोत में कुल 159 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन मौके पर महज 19 बच्चे ही मौजूद मिले।
विद्यालय में तैनात प्रशिक्षु शिक्षक अबरार अहमद व सुषमा देवी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिलीं। इस पर बीईओ ने स्पष्टीकरण तलब करते हुए दोनों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति बीएसए से की है। इसके साथ ही बच्चों की उपस्थिति कम होने पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अरशा खातून से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, प्राथमिक विद्यालय खोरहंसा में निरीक्षण के दौरान पंजीकृत 77 बच्चों में से सिर्फ 10 नौनिहाल ही मौजूद मिले।
इस पर नाराजगी जताते हुए बीईओ ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा देवी की वेतन वृद्धि रोकने की संस्तुति की है। प्राथमिक विद्यालय खोरहंसा द्वितीय में पंजीकृत 111 छात्रों के सापेक्ष 19 बच्चे मौजूद मिले। यहां तैनात शिक्षिका कौशर परवीन विद्यालय से नदारद मिलीं। उच्च प्राथमिक विद्यालय उम्मेदजोत में तैनात शिक्षिका प्रेम सरोज व चित्रांशी सिंह अनुपस्थित मिलीं। इस पर बीईओ ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका जयदेवी सिंह को फटकार लगाई और और दोनों शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनका एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की है।