जिले के बेलसर व रुपईडीह ब्लॉक के अन्त्योदय व बीपीएल कार्डधारकों को वर्ष 2004 से 2006 के बीच में अनाज नही बांटा गया। कार्डधारकों को कभी-कभी ही अनाज मिला है। अनाज न मिलने पर इसके घोटाले की जांच करने गोंडा आई सीबीआई टीम के सामने कार्डधारकों ने बयान दर्ज कराए।
जिले के बहुचर्चित अनाज घोटाले की जांच करने वाली सीबीआई की चार सदस्यीय टीम सीबीआई अफसर जावेद अख्तर अली के नेतृत्व में गोंडा पहुुंची। टीम ने जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में जिले के बेलसर व रुपईडीह ब्लॉक के करीब 100 लाभार्थियों व ग्राम प्रधानों का बयान दर्ज किया।
सीबीआई टीम के आने की खबर पाकर ग्राम प्रधान व बीपीएल और अन्त्योदय योजना के लाभार्थियों का सुबह से ही आना शुरू हो गया था। ग्राम प्रधान व अनाज वितरण के लाभार्थियों ने सीबीआई अफसरों के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
बताया जाता है कि अनाज घोटाले के दौर में लाभार्थियों के हिस्से के अनाज व चीनी आदि का बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से कोटेदार व उनके मददगारों ने मिलकर लाभार्थियों के हिस्से के अनाज व चीनी को थोक में अलग-अलग कारोबारियों के गोदाम पहुंचा दिया। वहीं, अनाज न मिलने से लाभार्थियों ने सीबीआई टीम के सामने अपने बयान दर्ज कराए। लाभार्थियों ने अनाज न बंटने का सच बता दिया।
वहीं कुछ लाभार्थियों को उचि तदर विक्रेता व उनके आकाओं की ओर से पढ़ा कर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि कभी-कभी अनाज नहीं मिलता था। तो किसी का कहना था कि अनाज कभी-कभी मिलता था। वहीं सीबीआई ने ग्राम प्रधानों से भी अनाज आने व बंटने के बाबत जानकारी ली।
सीबीआई लोगों के बयान से अनाज घोटाले की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर लाभार्थियों ने अनाज न बंटने या कभी-कभी बंटने तो कुछ ने बंटने की बात बताई है। जांच में कई और मामले सामने आए हैं, जिसका सीबीआई अफसरों ने खुलासा करने से इन्कार किया है।