गोंडा। प्रदेश सरकार ने बरसों से लंबित स्टांप की कमी के विवादों को त्वरित गति से निपटाने के लिए समाधान योजना लागू की है। 26 दिसंबर 2024 से शुरू हुई समाधान योजना 31 मार्च 2025 तक लागू रहेगी। इससे वादकारियों व पक्षकारों के समय व धन की बचत के साथ-साथ स्टांप देयों की वसूली से सरकारी राजस्व में वृद्धि भी होगी।
कृषि भूमि, मकान, दुकान, फ्लैट व आवासीय प्लाॅट जैसी संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान पकड़ी गई स्टांप की कमी के लंबे समय से लंबित वादों को त्वरित गति से निपटाने, वादों में कमी लाने और अधिक से अधिक राजस्व की प्राप्ति के लिए शासन ने बीते 26 दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक समाधान योजना लागू कर वादकारियों को सुनहरा मौका दिया है। अब स्टांप कमी में दोषी पाए गए लोग 10 गुना तक अर्थदंड अदा किए बिना ही मात्र स्टांप कमी की रकम जमा करके मुकदमे व अर्थदंड से मुक्ति पा सकते हैं। इसके लिए उन्हें स्टांप कमी की धनराशि, नियमानुसार देय ब्याज के साथ मात्र 100 रुपये का टोकन अर्थदंड देना होगा।
देवीपाटन मंडल के उप महानिरीक्षक निबंधन एवं उपायुक्त स्टांप राम शरण त्रिपाठी ने बताया कि स्टांप वाद समाधान योजना मंडल के चारों जिलों में भी लागू हो गई है। योजना का लाभ उठाने के लिए डीएम, एडीएम, एआईजी की कोर्ट तथा अपीलीय अदालतों में लंबित अपील और निगरानी वादों में पीठासीन अधिकारी को आवेदन देना होगा।