गोंडा। लखनऊ में लाईसेंसी पिस्टल से आत्महत्या करने वाले सिपाही अनूप तिवारी का शव उसके पैत1क गांव चिकारीपुरवा धानेपुर पहुंचा तो यहां कोहराम मच गया। परिवार के लोगों को रिस्तेदार व संबंधी ढांढस बंधाने में लगे रहे। बता दें कि थाना धानेपुर क्षेत्र के चिकारी पुरवा को रहने वाला 2011 बैच का सिपाही अनूप तिवारी भाइयों में सबसे छोटा था। उससे बड़े दो बड़े भाई ज्ञान प्रकाश व मझले अनिल कुमार है।
ज्ञान प्रकाश पुलिस महकमे में ही तैनात है, जबकि अनिल कुमार और इनके पिता सुरेेंद्र शिक्षक हैं। अनूप लखनऊ में एक जज का गनर था। वहां पुलिस लाइन में रहता था। शुक्रवार की रात अनूप तिवारी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद अनूप का शव पैतक गांव चिकारी पुरवा पहुंचा तो कोहराम मच गया। अनूप की पत्नी प्रीती तिवारी जो हजरतगंज थाने में तैनात हैं। सभी का रो-रोकर हाल बेहाल है।